रुद्रप्रयाग पुलिस ने जीआईसी कोठगी घोलतीर में चलाया जागरूकता कार्यक्रम, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश और मैट्रिमोनियल फ्रॉड के प्रति किया सचेत

रुद्रप्रयाग। साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से रुद्रप्रयाग पुलिस द्वारा साइबर सुरक्षा अभियान 2.0 एवं साइबर जागरूकता माह के तहत जन-जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में गुरुवार को राजकीय इंटर कॉलेज (जीआईसी) कोठगी, घोलतीर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर छात्र-छात्राओं को साइबर ठगी से बचाव, महिला एवं बाल सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभावों और यातायात नियमों की जानकारी दी गई।
पुलिस अधीक्षक रुद्रप्रयाग के निर्देशन में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को साइबर अपराधियों द्वारा अपनाए जा रहे नए-नए तरीकों के बारे में विस्तार से बताया। उन्हें समझाया गया कि डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सतर्कता बरतकर और सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन कर ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचा जा सकता है।
पुलिस टीम ने सोशल मीडिया खातों को सुरक्षित रखने, प्रोफाइल लॉक करने, दोहरी सुरक्षा व्यवस्था सक्रिय करने तथा निजी जानकारी अनजान लोगों के साथ साझा न करने की सलाह दी। डिजिटल अरेस्ट के नाम पर पुलिस, सीबीआई, कस्टम अथवा अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डराने और धनराशि मांगने वाले जालसाजों से सावधान रहने को कहा गया।
विद्यार्थियों को फर्जी ट्रेडिंग और निवेश संबंधी धोखाधड़ी के प्रति भी जागरूक किया गया। पुलिस ने बताया कि साइबर अपराधी कम समय में अधिक मुनाफे का लालच देकर लोगों को फर्जी निवेश योजनाओं और व्हाट्सएप समूहों से जोड़ते हैं। इसके बाद फर्जी लाभ दिखाकर धनराशि जमा कराते हैं और निकासी के समय कर या अन्य शुल्क के नाम पर अतिरिक्त रकम मांगते हैं। इसी तरह विवाह का प्रस्ताव देकर स्वयं को विदेशी नागरिक या अनिवासी भारतीय बताने तथा महंगे उपहारों के नाम पर सीमा शुल्क मांगने वाले जालसाजों से भी सतर्क रहने की अपील की गई।
पुलिस ने साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने और www.cybercrime.gov.in पोर्टल के माध्यम से शिकायत करने की जानकारी दी।
कार्यक्रम के दौरान महिला एवं बाल सुरक्षा पर भी विशेष जोर दिया गया। छात्र-छात्राओं को महिला हेल्पलाइन 1090, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 और आपातकालीन सहायता नंबर 112 की जानकारी दी गई। उन्हें घरेलू हिंसा, महिला संबंधी अपराधों और बाल उत्पीड़न जैसी घटनाओं के प्रति सजग रहने तथा किसी भी आपराधिक गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने के लिए प्रेरित किया गया।
पुलिस टीम ने युवाओं को नशे से दूर रहने और अपनी ऊर्जा सकारात्मक गतिविधियों में लगाने की अपील की। साथ ही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए यातायात नियमों का पालन करने, नाबालिग अवस्था में वाहन न चलाने, दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग नहीं करने की जानकारी दी।
कार्यक्रम में निरीक्षक अशोक कुमार, उपनिरीक्षक प्रदीप चौहान, उपनिरीक्षक जयवीर, हेड कांस्टेबल अनूप लिंगवाल और कांस्टेबल देवेंद्र सिंह ने छात्र-छात्राओं को जागरूक किया। रुद्रप्रयाग पुलिस ने आमजन से अपील की कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, गोपनीय जानकारी साझा न करें और ऑनलाइन निवेश के अविश्वसनीय प्रस्तावों से बचें। पुलिस ने स्वयं जागरूक बनने के साथ दूसरों को भी साइबर अपराधों के प्रति सतर्क करने का आह्वान किया।


