देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा गणतंत्र दिवस की शुभ संध्या पर जनकवि डॉ. अतुल शर्मा के आवास वाणी विहार स्थित “धरोहर” में देशभक्ति गीतों, जयगीतों और काव्य पाठ के माध्यम से गणतंत्र दिवस समारोह का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में कविता पाठ एवं विचार-विमर्श की अध्यक्षता राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी ने की, जबकि संचालन जनकवि डॉ. अतुल शर्मा एवं वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी पूरण सिंह लिंगवाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
इस अवसर पर पूर्व राज्य मंत्री रविन्द्र जुगरान ने स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों पर आधारित कविता का पाठ किया। क्षेत्रीय पार्षद विक्रम सिंह बरगली ने सरस्वती वंदना प्रस्तुत करते हुए कहा कि भारत में आज़ादी के लिए हुए संघर्ष और संविधान के लागू होने से देश को विश्व में विशिष्ट पहचान मिली है और भारत निरंतर प्रगति के पथ पर अग्रसर है।
डॉ. अतुल शर्मा ने बताया कि 26 जनवरी 1945 को उनके पिता राष्ट्रीय कवि स्व. श्रीराम शर्मा दिल्ली में गिरफ्तार हुए थे, जिस पर उन्हें गर्व है कि वे एक महान स्वतंत्रता सेनानी व राष्ट्रीय कवि की संतान हैं। उन्होंने जनकवि बल्ली सिंह चीमा की पंक्तियाँ— “लें मसाले चल पड़े हैं लोग मेरे गाँव के…” तथा अपने पिता की लिखी पंक्तियाँ सुनाईं।
द्वारिका बिष्ट, राधा तिवारी और अरुणा थपलियाल ने “हम होंगे कामयाब” और “हम लाए हैं तूफान किश्ती निकाल के” जैसे गीत प्रस्तुत किए। रामलाल खंडूड़ी ने श्रीराम शर्मा की रचना “तुम स्वतंत्रता के लिए लड़े…” का पाठ किया, जबकि प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने स्वतंत्रता संग्राम और बलिदान पर आधारित कविता सुनाई।
कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों ने अतुल शर्मा की लिखी पंक्तियाँ— “जागो रे जागो, लड़ के लेंगे, भीड़ के लेंगे…”—सुर-ताल के साथ गाईं। इसके पश्चात भारत माता की जय और जय हिंद के उदघोष के साथ एक-दूसरे को गणतंत्र दिवस की शुभकामनाएँ दी गईं।
काव्य गोष्ठी में प्रमुख रूप से पार्षद रणबीर सिंह बरगली, रविन्द्र जुगरान, डॉ. अतुल शर्मा, रंजना शर्मा, द्वारिका बिष्ट, राधा तिवारी, अरुणा थपलियाल, रेखा शर्मा, जगमोहन सिंह नेगी, रामलाल खंडूड़ी, पूरण सिंह लिंगवाल, प्रदीप कुकरेती, पत्रकार साथी मंगेश कुमार, सोमपाल एवं मनीष नैनवाल सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

