Swift कार की चेकिंग में खुला ₹2.75 करोड़ से अधिक की संदिग्ध डिजिटल मनी ट्रेल का रा

Swift कार की चेकिंग में खुला ₹2.75 करोड़ से अधिक की संदिग्ध डिजिटल मनी ट्रेल का रा
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हरिद्वार। साइबर क्राइम हॉटस्पॉट अभियान के तहत हरिद्वार पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए नालंदा-नवादा, बिहार से संचालित कथित **‘मगध साइबर गैंग’** का पर्दाफाश किया है। कोतवाली श्यामपुर पुलिस ने Swift कार की चेकिंग के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से 35 ATM/डेबिट कार्ड, 14 बैंक पासबुक, 17 SIM कार्ड, 18 मोबाइल फोन, दो लैपटॉप, 10 ATM कवर, PAN कार्ड और ₹37,500 नकद बरामद किए गए।

पुलिस के अनुसार, 25/26 अगस्त की रात श्यामपुर क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान सज्जनपुर पीली क्षेत्र में सूचना मिली कि सफेद रंग की Swift कार में साइबर फ्रॉड से जुड़े कुछ व्यक्ति सवार हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने रसियाबड़ सिंगल लाइन प्वाइंट पर चेकिंग शुरू की। चिड़ियापुर की ओर से पहुंची Swift कार संख्या UK-08AF-0560 को रोककर तलाशी ली गई। कार में सवार पांच व्यक्तियों और एक पिठ्ठू बैग की तलाशी में बड़ी मात्रा में बैंकिंग और डिजिटल सामग्री बरामद हुई।

बरामद मोबाइल फोन, बैंक पासबुक और ATM कार्ड के प्रारंभिक परीक्षण में WhatsApp चैट, बैंक खाता विवरण, QR कोड और लेन-देन से संबंधित बातचीत के महत्वपूर्ण सुराग मिले। प्रारंभिक बैंकिंग एवं डिजिटल विश्लेषण में ₹2.75 करोड़ से अधिक के संदिग्ध डिजिटल लेन-देन** का पता चला है। पुलिस द्वारा बैंक खातों की स्टेटमेंट, KYC, ट्रांजैक्शन हिस्ट्री और डिजिटल फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। जांच पूरी होने के बाद साइबर अपराध से जुड़ी वास्तविक धनराशि और पूरी मनी ट्रेल स्पष्ट होगी।

पुलिस की पूछताछ में सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर स्थानीय लोगों से बैंक खाते, पासबुक, ATM कार्ड और SIM प्राप्त करते थे। इन खातों के ATM PIN और UPI ID का एक्सेस अपने पास रखते थे। साइबर फ्रॉड की रकम म्यूल खातों में आने के बाद उसे UPI और अन्य खातों के माध्यम से ट्रांसफर कर ATM/CDM से नकदी निकाली जाती थी। इसके बाद रकम को कमीशन के रूप में बांटा जाता था।

बरामद मोबाइल फोन की WhatsApp चैट में कई बैंक खातों के नंबर, खाताधारकों के नाम, QR कोड और लेन-देन से संबंधित बातचीत मिली है। मोबाइल गैलरी में भी विभिन्न बैंक पासबुक और खातों से जुड़े दस्तावेजों की तस्वीरें मिली हैं।

बरामद 14 पासबुक में Central Bank of India, Indian Overseas Bank, SBI, UCO Bank, Bank of Maharashtra, Indian Bank और The Nainital Bank सहित विभिन्न बैंकों के खाते पाए गए। वहीं 35 ATM/डेबिट कार्डों में Union Bank, Bank of Maharashtra, Indian Overseas Bank, Uttarakhand Gramin Bank, Nainital Bank, Canara Bank, PNB, Central Bank of India, Indian Bank, UCO Bank, Bank of Baroda, City Union Bank और HDFC Bank सहित कई बैंकों के कार्ड मिले हैं।

*गिरफ्तार आरोपियों में अधिकांश बिहार के नालंदा और नवादा जिले के रहने वाले हैं। पुलिस पूछताछ में बिहार क्षेत्र से जुड़े अन्य लोगों द्वारा बैंक खाते उपलब्ध कराने और साइबर फ्रॉड की रकम से संबंधित सूचनाएं देने की बात सामने आई है। पुलिस अब इन लोगों की भूमिका और पूरे नेटवर्क की कड़ियों की जांच कर रही है।

पुलिस ने कृष्णा पाण्डे (24) निवासी नालंदा, बिहार, निरंजन कुमार (24) निवासी नवादा, बिहार, सन्नी (21) निवासी हरिद्वार, चन्द्रमणि कुमार (24) निवासी नवादा, बिहार और चन्दन पाण्डे (20) निवासी हरिद्वार को गिरफ्तार किया है।

आरोपियों के खिलाफ धारा 318(4), 317(2), 3(5) बीएनएस तथा धारा 66C और 66D आईटी एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल फोन और लैपटॉप का विस्तृत डिजिटल परीक्षण न्यायालय की अनुमति के बाद किया जाएगा। बैंक खातों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण कर अन्य साइबर अपराधियों, म्यूल अकाउंट धारकों और नेटवर्क के मुख्य संचालकों की पहचान की जा रही है।

एसएसपी हरिद्वार ने कहा कि साइबर अपराधी कहीं भी छिपे हों, हरिद्वार पुलिस उनके नेटवर्क तक पहुंचकर उन्हें कानून के शिकंजे में लाएगी।** पुलिस की एक बड़ी टीम साइबर अपराध के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है।

देवभूमि खबर

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