टिहरी पुलिस ने ब्लाइंड मर्डर केस का 72 घंटों में किया खुलासा, अभियुक्त गिरफ्तार, एसएसपी ने की ईनाम की घोषणा
टिहरी।मुनि की रेती क्षेत्र में चंद्रभागा नदी के पास 16 अप्रैल को एक व्यक्ति का पत्थरों से कुचला शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान कमलेश्वर भट्ट (52 वर्ष) के रूप में हुई, जो तहसील नरेन्द्रनगर में अमीन के पद पर कार्यरत थे और एक दिन पहले शाम घर से निकले थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आयुष अग्रवाल के निर्देश पर अलग-अलग टीमों का गठन कर तेजी से जांच शुरू की गई।
जांच के दौरान आसपास के 1200 लोगों का सत्यापन किया गया और 75 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। एक फुटेज में मृतक एक संदिग्ध युवक के साथ जाते दिखाई दिए, जो घटना के बाद मृतक की सैंडल और अपनी चप्पल पहने नजर आया। सघन प्रयासों के बाद पुलिस ने 19 अप्रैल को अभियुक्त विकास उर्फ विको (19 वर्ष) को ढालवाला क्षेत्र से गिरफ्तार किया। वह नेपाल का मूल निवासी है और यहां अपने फूफा विजय थापा के साथ रह रहा था, जो घटना के बाद नेपाल भाग गया।
पूछताछ में अभियुक्त ने स्वीकार किया कि उसने मृतक के साथ शराब पी थी और झगड़े के बाद गुस्से में आकर पत्थर से सिर कुचलकर हत्या कर दी। उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पत्थर, खून लगे कपड़े और मृतक की सैंडल बरामद की गई। पुलिस ने अभियुक्त को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में प्रस्तुत किया। इस पूरे ऑपरेशन में स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों ने भी सहयोग किया। सफल खुलासे पर एसएसपी द्वारा पुलिस टीम को ₹20,000 का इनाम घोषित किया गया है।
इस सराहनीय कार्रवाई में क्षेत्राधिकारी नरेंद्रनगर श्री सुरेंद्र भंडारी के निर्देशन में प्रभारी निरीक्षक प्रदीप चौहान, वरिष्ठ उप निरीक्षक योगेश चंद्र पांडे, थाना अध्यक्ष नरेंद्रनगर श्री गोपाल दत्त भट्ट, उप निरीक्षक प्रदीप रावत, उप निरीक्षक आशीष शर्मा, उप निरीक्षक मनोज ममंगाई, उप निरीक्षक नवल गुप्ता, हेड कांस्टेबल प्रवीन नेगी, हेड कांस्टेबल कुलदीप, हेड कांस्टेबल सुनील सैनी, हेड कांस्टेबल सुरेश रमोला, हेड कांस्टेबल कपिल देव, तथा कांस्टेबल देवराज सिंह शामिल रहे।
साथ ही सीआईयू टीम ने भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस टीम में प्रभारी उप निरीक्षक ओमकांत भूषण, उप निरीक्षक दिलबर नेगी, अपर उप निरीक्षक सुंदर, हेड कांस्टेबल विकास सैनी, कांस्टेबल रविंद्र और कांस्टेबल नजाकत की तत्परता ने मामले के जल्द खुलासे में सहयोग किया।
