92 लाख की शेयर ट्रेडिंग साइबर ठगी का आरोपी एसटीएफ के शिकंजे में, भोंडसी जेल से वारंट-बी पर लाकर कोर्ट में किया पेश

92 लाख की शेयर ट्रेडिंग साइबर ठगी का आरोपी एसटीएफ के शिकंजे में, भोंडसी जेल से वारंट-बी पर लाकर कोर्ट में किया पेश
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देहरादून/रुद्रपुर। उत्तराखंड एसटीएफ की साइबर टीम ने शेयर ट्रेडिंग के नाम पर करीब 92.04 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए वांछित आरोपी रवि पाटवा को हरियाणा की भोंडसी जेल से वारंट-बी पर लाकर रुद्रपुर न्यायालय में पेश किया। न्यायालय के आदेश पर आरोपी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।

एसएसपी एसटीएफ के निर्देशन एवं एएसपी साइबर क्राइम के पर्यवेक्षण में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन कुमाऊं परिक्षेत्र में दर्ज एफआईआर संख्या-11/2025 की विवेचना के दौरान आरोपी की संलिप्तता सामने आई। जांच में पता चला कि आरोपी पहले से ही हरियाणा के गुरुग्राम स्थित भोंडसी जेल में एक अन्य साइबर धोखाधड़ी के मामले में बंद था। इसके बाद एसटीएफ ने न्यायालय से वारंट-बी प्राप्त कर उसे अभिरक्षा में लेकर रुद्रपुर न्यायालय में पेश किया।

पुलिस के अनुसार, शिकायतकर्ता पंकज कुमार सती से आरोपियों ने व्हाट्सएप के माध्यम से संपर्क कर स्वयं को प्रतिष्ठित ट्रेडिंग कंपनी का प्रतिनिधि बताया और शेयर ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर 18 मार्च से 30 अप्रैल 2025 के बीच 92,04,775 रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली।

तकनीकी विश्लेषण, बैंक खातों की जांच और लाभार्थी खाताधारकों के बयानों के आधार पर रवि पाटवा (26 वर्ष) निवासी अकोला, जिला चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) की भूमिका सामने आई। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर उसके डिजिटल और वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है। साथ ही इस साइबर गिरोह से जुड़े अन्य सहयोगियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
एसटीएफ के अनुसार आरोपी के खिलाफ हरियाणा और उत्तराखंड में साइबर धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं।

एसएसपी एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि शेयर ट्रेडिंग, निवेश या अधिक मुनाफे का लालच देने वाले WhatsApp, Telegram ग्रुप या सोशल मीडिया विज्ञापनों पर बिना सत्यापन विश्वास न करें। किसी भी साइबर धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराएं या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें।

देवभूमि खबर

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