विद्यालयों के समय परिवर्तन का अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ ने किया विरोध, रिक्त पदों के पुनर्जीवन में वित्त विभाग की अनुमति पर जताई आपत्ति
देहरादून। प्रदेश के राजकीय एवं राजकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में विद्यालय खुलने और छुट्टी के वर्तमान समय-सारिणी में प्रस्तावित परिवर्तन का अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तराखंड ने कड़ा विरोध किया है। संघ का कहना है कि उत्तराखंड की विषम भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए यह निर्णय व्यवहारिक नहीं है।
अशासकीय माध्यमिक शिक्षक संघ उत्तराखंड के प्रांतीय अध्यक्ष संजय बिजल्वाण एवं प्रांतीय महामंत्री महादेव मैठाणी ने कहा कि प्रदेश के मैदानी क्षेत्रों में गर्मियों के दौरान दोपहर एक बजे के बाद विद्यार्थियों के लिए पठन-पाठन का वातावरण अनुकूल नहीं रहता, जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में शीत ऋतु के दौरान दूर-दराज से आने वाले बच्चों के लिए सुबह 8:50 बजे तक विद्यालय पहुंचना संभव नहीं होता। इसके साथ ही जंगली जानवरों का भय भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसी स्थिति में विद्यालयों के समय में परिवर्तन करना उचित नहीं है और पूर्व की भांति वर्तमान व्यवस्था को ही यथावत रखा जाना चाहिए।
संघ ने अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में तीन माह से अधिक समय से रिक्त पदों को पुनर्जीवित कराने से संबंधित नियमों पर भी आपत्ति जताई है। संघ का कहना है कि इन पदों के पुनर्जीवन की समय-सीमा तीन माह के स्थान पर तीन वर्ष की जानी चाहिए, क्योंकि अधिकांश समय इन विद्यालयों में भर्ती पर अघोषित रोक लगी रहती है, जो आज भी प्रभावी है। इसी कारण समय पर नियुक्तियां नहीं हो पातीं, जिसकी जिम्मेदारी शासन एवं विभाग की है, लेकिन इसका भार विद्यालयों पर डाला जा रहा है।
संघ पदाधिकारियों ने बताया कि विद्यालयी शिक्षा अधिनियम के तहत पदों को पुनर्जीवित करने का अधिकार शिक्षा निदेशक को है, लेकिन शासन द्वारा इसके लिए वित्त विभाग से अनुमति लेने का आदेश देना अधिनियम का उल्लंघन है। उच्च न्यायालय के निर्देशों के बावजूद जिन विद्यालयों में भर्ती प्रक्रिया गतिमान है, वहां भी रिक्त पदों पर भर्ती को अनावश्यक रूप से उलझाया जा रहा है। इससे अशासकीय विद्यालयों में शिक्षकों की भारी कमी हो रही है और इसका सीधा असर छात्र-छात्राओं के भविष्य पर पड़ रहा है।
संघ ने रिक्त पदों के पुनर्जीवन की समय-सीमा तीन माह से बढ़ाकर तीन वर्ष किए जाने, भर्ती पर लगी अघोषित रोक हटाने तथा अविलंब भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की मांग की है।
इस मांग को लेकर प्रांतीय कोषाध्यक्ष मनमोहन सिंह नेगी, उपाध्यक्ष दीपक मिश्रा, मदन मैखुरी, डॉ. योगेश जोशी, मंत्री सुनील पैन्यूली, गढ़वाल मंडल अध्यक्ष शिव सिंह रावत, मंडलीय मंत्री बाल मनोज रावत, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष विशन सिंह मेहता, मंडलीय मंत्री डॉ. महेंद्र सिंह मेहरा सहित देहरादून, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, पौड़ी, अल्मोड़ा, हरिद्वार एवं उधम सिंह नगर जिलों के अध्यक्ष, मंत्री और बड़ी संख्या में शिक्षक प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
