उत्तराखण्ड पशुचिकित्सा परिषद का प्रशिक्षण सम्पन्न: अल्ट्रासोनोग्राफी एवं रेडियोलॉजी से पशु स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा नया आयाम
देहरादून।राज्य में पशु स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए उत्तराखण्ड पशुचिकित्सा परिषद द्वारा आयोजित “पशुओं में अल्ट्रासोनोग्राफी एवं रेडियोलॉजी का व्यवहारिक प्रशिक्षण” कार्यक्रम का आज सफल समापन हो गया। यह प्रशिक्षण सतत् पशुचिकित्सा शिक्षा कार्यक्रम के अंतर्गत पशुचिकित्सा अधिकारियों के लिए आयोजित किया गया था।
परिषद के रजिस्ट्रार डॉ. प्रलयंकर नाथ ने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को अल्ट्रासोनोग्राफी एवं रेडियोलॉजी की आधुनिक तकनीकों का सैद्धांतिक तथा व्यवहारिक (हैंड्स-ऑन) प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस प्रशिक्षण में विषय विशेषज्ञ के रूप में भारतीय पशुचिकित्सा अनुसंधान संस्थान, इज्जतनगर (बरेली, उत्तर प्रदेश) से डॉ. अभिषेक चन्द्र सक्सेना तथा सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, मेरठ (उत्तर प्रदेश) से डॉ. अजित कुमार सिंह ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य पशुओं में रोगों के त्वरित, सटीक एवं वैज्ञानिक निदान की क्षमता विकसित करना था, जिससे राज्य में पशु स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक प्रभावी और आधुनिक बनाया जा सके। विशेषज्ञों द्वारा प्रतिभागियों को उन्नत उपकरणों के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया, जिससे वे वास्तविक परिस्थितियों में बेहतर चिकित्सकीय निर्णय ले सकें।
समापन सत्र में परिषद के अध्यक्ष डॉ. कैलाश उनियाल एवं रजिस्ट्रार डॉ. प्रलयंकर नाथ द्वारा प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र वितरित किए गए। इस अवसर पर प्रशिक्षकों और प्रतिभागियों के योगदान की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित करने की बात कही गई।
प्रशिक्षण को सफल बनाने में State Referral Centre For Dogs And Cats, देहरादून के प्रभारी डॉ. मुकेश कुमार डुम्का एवं डॉ. लतेश जोशी का विशेष सहयोग रहा, जिनके मार्गदर्शन में प्रशिक्षणार्थियों को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
डॉ. कैलाश उनियाल ने आशा व्यक्त की कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम पशुचिकित्सकों की दक्षता में वृद्धि करेंगे और उत्तराखंड में पशुचिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ एवं आधुनिक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
