अप्रत्याशित फीस वृद्धि वापस नही ली तो आंदोलन किया जाएगा: जुगरान

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देहरादून।देवभूमि खबर। संयुक्त अभिवावक संघ उत्तराखण्ड के मुख्य संरक्षक एंव पदाधिकारियों ने दो निजी मेडिकल कालेज/विश्वविद्यालय द्वारा एमबीबीएस व एमडी के शुल्क ढांचे में अप्रत्याशित फीस वृद्वि किए जाने पर रोष व्यक्त किया। उनका कहना है कि फीस वृद्धि को शीघ्र वापस लिया जाए।

रविवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में संयुक्त अभिवावक संघ के मुख्य संरक्षक रवीन्द्र जुगरान ने कहा कि एमबीबीएस व एमडी के शुल्क ढांचे में अप्रत्याशित फीस वृद्धि की गई है। उन्होंने ने कहा कि अगर सरकार ने इसको वापस नहीं लिया तो हमें आंदोलन के लिए बाध्य होना पडेगा। साथ ही अदालत/न्यायालय का रूख करेंगे। जुगरान ने कहा कि यद्यपि सत्र 2019-2020 के लिये फीस कमेटी ने एसजीआरआर मैडिकल कालेज की फीस मार्च 2019 में तय कर दी है वहीं दूसरी ओर आपकों अवगत कराना है कि दोनो निजी मैडिकल कालेजों की सत्र 2017-2018 एवं 2018-2019 के फीस निर्धारणों का मसला अभी उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड में विचाराधीन है। संघ संरक्षक रवीन्द्र जुगरान व पदाधिकारियांे ने कहा कि सरकार कल्याणकारी राज्य की अवधारणा के तहत काम नहीं कर रही है नतीजन नीजि काॅंलेजो को लूट की छूट सभी फीस निर्धारित करने वाले पक्ष मिले हुये हैं। भारी फिस वृद्वि के कारण होनहार/मैरिट वाले पैसों वालों की मौज आ गयी है। पत्रकार वार्ता में जगदीश प्रसाद अंथवाल, नेत्र सिंह चैहान, उमा पटनी, धनजय बिडला, मुकेश नौटियाल, रमेश चन्द्र डबराल, नरेश शर्मा आदि उपस्थि रहे।
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देवभूमि खबर

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