कांग्रेसियों ने अस्पतालों को पीपीपी मोड में दिए जाने का विरोध

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टिहरी।देवभूमि खबर। जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष राकेश राणा ने कहा कि जिले में स्वास्थ्य सेवायें पूरी तरह से बेकाबू हो गई हैं। जीरो टालरेंस वाली सरकार में एनएचएम के बजट को ठिकाने लगाने का काम किया जा रहा है। कांग्रेसियों ने जिला अस्पताल को पीपीपी मोड में दिये जाने को भाजपा का खेल बताया। पीपीपी मोड में अस्पतालों को दिये जाने विरोध करने भी बात कही।कांग्रेस जिलाध्यक्ष राकेश राणा ने कहा कि जिले में हरसाल एनएचएम के नाम पर 20 करोड़ के बजट के साथ जिला प्लान का धन लगाने के बाद भी स्वास्थ्य सेवायें बदहाल स्थिति में पहुंच गई है। जिले में जिला अस्पताल सहित सभी सीएचसी व पीएचसी मात्र रेफर सेंटर बनकर रह गये हैं। सभी एसएडी फार्मासिस्टों या फिर डेंटल सर्जनों के भरोसे चल रहे हैं। अस्पतालों को दिये जाने वाले अंटायरड फंड से कोई भी काम न करवाकर सीधे ठिकाने लगाने का काम किया जा रहा है। अस्पताल में प्रसव कराने वाली महिलाओं को प्रसव के बाद तीन दिन अस्पताल में न रखकर उन्हें सीधे घर भेज दिया जाता है। तीन दिनों तक उनके लिए आये बजट में भी सीधे गोलमाल किया जा रहा है। स्कूलों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और आंगनबाड़ी बच्चों के परीक्षण के बजट खर्च करने को भी लेकर कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं।सीएचसी में लाखों का बजट आने के बाद मामूली एक्सरे मशीनें तक नहीं हैं। उन्होंने कहा कि पीपीपी मोड का 2018 में भारी विरोध के बाद भी भाजपा सरकार ने जिला अस्पताल को पीपीपी मोड में दिया है। जिसके बाद अब ओपीडी 500 से घटकर डेढ़ सौ तक पहुंच गई है। भाजपा सरकार के इस कदम को उन्होंने ऋषिकेश में एम्स खुलने के बाद खराब स्थिति में चल रहे एक बड़े अस्पताल को लाभ देने का कदम बताया। भाजपा सरकार सभी सीएचसी को भी पीपीपी मोड में देने की तैयारी कर रही है। जिसका कांग्रेस पूरी तरह से विरोध करेगी। इस मौके पर कांग्रेस के प्रदेश सचिव कुलदीप पंवार, शहर कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र नौडियाल, लक्ष्मी प्रसाद भट्ट, लखवीर चैहान, सतीश चमोली, राजेंद्र प्रसाद डोभाल, ममता उनियाल, श्याम लाल, बिजल दास, रमेश, संपत लाल आदि मौजुद रहे।

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