उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट ने दून हॉस्पिटल में मोरी आराकोट पीड़ितों का हाल जाना
देहरादून।उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष फील्ड मार्शल दिवाकर भट्ट ने मोरी आराकोट के आपदा पीड़ितों के राहत कार्यों का जायजा लेते हुए दून चिकित्सालय का दौरा कर घायल आपदा पीड़ितों का हालचाल जाना। उन्होंने अस्पताल में फैली अव्यवस्थाओं तथा पीड़ितों की ढंग से देखभाल ना करने के लिए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर टम्टा को खूब खरी-खोटी सुनाई।उनके रुख को भांपते हुएअस्पताल प्रशासन ने पीड़ितों के वार्ड में तीन अतिरिक्त पंखे व साफ-सफाई की तत्काल व्यवस्था करी।इसके बाद उक्रांद सुप्रीमो ने केंद्रीय कार्यालय पहुंचकर पत्रकार वार्ता के माध्यम से सरकार पर आरोपों की झड़ी लगाते हुए सरकार केआपदा प्रबंधन को फेल बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जिस राज्य पर आपदा का कहर टूटा हो, उस राज्य का मुख्यमंत्री आपदापीड़ितों के जख्मों पर मरहम लगाने के बजाय उनके जख्मों पर नमक छिड़कते हुए दिल्ली चला जाए। उस मुख्यमंत्री की राज्य के प्रति संवेदना को समझा जा सकता है। उक्रांद सुप्रीमो ने कहा कि मुख्यमंत्री डबल इंजन सरकार को फजीहत से बचाने के लिए कह रहे हैं कि आपदा प्रबंधन के लिए सरकार के पास पर्याप्त पैसा है।जबकि हकीकत यह है कि मुख्यमंत्री आपदा की खबर सुनने के बाद केंद्र सरकार से मदद मांगने दिल्ली गए थे।उन्होंने सरकार द्वारा पीड़ितों को दी जाने वाली राहत राशि को नाकाफी बताते हुए पीड़ित परिवारों को कम से कम ₹1000000 तथा आपदा राहत के महान कार्य में लगे हेलीकॉप्टर दुर्घटना के मृतक कर्मचारियों के लिए ₹5000000 दिए जाने की मांग करी।दिवाकर भट्ट ने कहा कि वे स्वयं प्रदेश में आपदा प्रबंधन मंत्री रह चुके हैं।आज प्रदेश में आपदा तंत्र की हालत यह हो गई है दुर्घटना के 5 दिन बाद भी सरकार के पास आपदा में मृतक और घायलों की सही गणना भी नहीं है। आपदा ग्रस्त क्षेत्रों से आठ-आठ किलोमीटर तक अवरुद्ध मार्ग को खुलवाने में भी सरकार सफल नहीं हो पाई है।पत्रकार वार्ता में बीडी रतूड़ी, हरीश चंद्र पाठक, विजय बौड़ा़ई तथा संजय छेत्री आदि शामिल थे।
धन्यवाद
भवदीय
संजय छेत्री
पूर्व महानगर अध्यक्ष एवं
पूर्व मीडिया प्रभारी
उत्तराखंड क्रांति दल
देहरादून

