डॉ धन सिंह ने थैलीसैण में पैक्स बहुसेवा केन्द्र व कृषि अवसंरचना निधि योजनाओं का किया शुभारम्भ
पौड़ी। उच्च शिक्षा, सहकारिता, आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास, प्रोटोकॉल (स्वतन्त्र प्रभार) मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने अपने दो दिवसीय जनपद भ्रमण कार्यक्रम तहत विकास खण्ड मैदान थलीसैंण में आयोजित पैक्स को बहुसेवा केन्द्र व कृषि अवसंरचना निधि योजनाओं के शुभारम्भ कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप मंेे पहुंचे। इस मौके पर कैन्यूर व श्रीकोट गंगनाली पैक्स द्वारा पैक्स को बहू सेवा केन्द्र के रूप में विकसित करने हेतु समितियों को नाबार्ड द्वारा 01 करोड़ 96 लाख स्वीकृत तथा कैन्यूर में ग्रामीण मार्ट/ग्रामीण हॉट खोलने पर नाबार्ड द्वारा सहमति प्रदान की गई।
मा. मंत्री डाॅ. रावत ने जिला सहकारी बैंक और सहकारिता विभाग के अन्तर्गत स्वयं सहायता समूहों को सीसीएल व दीन दयाल उपाध्याय योजना के अन्तर्गत जीरो प्रतिशत ब्याज पर ऋण प्राप्त करने वाले लाभार्थियों को ऋण चैक वितरित किये। योजना के तहत 53 समूह को 02 करोड़ 37 लाख का ऋण वितरित किया जा रहा है, जिसके तहत मंच पर प्रेरणा स्वयं सहायता समूह कैन्यूर, जै बिनसर महादेव रनडोला, काजल समूह भीड़ा, वैष्णवी समूह, जै माँ लक्ष्मी समूह बंूगीधार को 05 लाख के ऋण चैक वितरित किये गए। उन्होंने उज्जवला योजना के तहत नैन्स्यु गांव की महिलाओं को गैस कनेक्शन भी वितरित किये।
मा. मंत्री डाॅ. रावत ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों से एक ऐसा साझा मंच उपलब्ध होता है, जिसमें विकास के सभी आयाम एक साथ आकर क्षेत्र के विकास के लिए किये जा रहे कार्याें से क्षेत्र की जनता को अवगत कराने के साथ ही योजनाओं के बारे में लोगों का समझाते हैं। उन्होंने कहा कि सरकार ने मुख्यमंत्री घस्यारी योजना प्रारम्भ की है, जिसके तहत घस्यारियों को घास दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खेती किसानी से आय बढ़ाने के लिए सरकार कृषि के पुराने पैटर्न को बदल कर वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा दे रही है। खेती में लागत कम कर आय बढ़ाने के लिए लगातार नए सुधार किए जा रहे हैं। इसी के तहत किसानों के समूह (एफपीओ) बनाकर खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। किसानों की आय में बढ़ोत्तरी के लिए कृषक उत्पादन संगठन और प्रोत्साहन की योजना के तहत समूहो का गठन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण कृषि मार्ट खोलने का उद्देश्य लोकल कृषि उत्पादों को बाजार उपलब्ध करना एवं वोकल फॉर लोकल के नारे के साथ स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहित किया जायेगा साथ ही नाबार्ड द्वारा ग्रामीण मार्ट को 3 साल तक वित्त पोषित किया जायेगा, जिसमें स्थानीय लोगों को स्वरोजगार के साथ-साथ रोजगार भी मिलेगा। कहा कि ग्रामीण हॉट को वहाँ के लोकल महिला समूहों द्वारा संचालित किया जायेगा। साथ ही अनेकों महिला समूहों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए लगभग 2.5 करोड़ का ऋण वितरण किया गया।
इससे पूर्व उन्होंने एफपीओ, स्वयं सहायता समूह, सहकारिता विभाग एवं कृषि विभाग द्वारा लगाये गये जन कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित स्टाॅलों का निरीक्षण किया।
इस अवसर पर जिला सहकारी बैंक के अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह रावत, डीएमडी नाबार्ड शाजी के.वी.जी. सी.जी.एम. नाबार्ड डाॅ. ज्ञानेन्द्र मणि, प्रबन्धक उत्तराखण्ड राज्य सहाकारी बैंक एन.पी.एस.ढाका, उप महाप्रबन्धक जिला सहकारी बैंक दिग्विजय सिंह, सहायक निबन्धक सहकारिता एम.एल.टम्टा, डी.डी.एम. नाबार्ड भूपेन्द्र सिंह, कार्यक्रम संचाक योगम्बर पोली सहित वरिष्ठ अधिकारी गण, विभिन्न समितियों के पदाधिकारीगण सहित क्षेत्रीय जनता मौजूद थी।

