विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद

विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद
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विनीत कंसवाल, उत्तरकाशी

उत्तरकाशी।विश्व प्रसिद्ध गंगोत्री धाम के कपाट विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। कपाट बंदी से पहले गंगोत्री मंदिर और गंगा घाट पर पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद मां गंगा की उत्सव डोली शीतकालीन पड़ाव मुखीमठ (मुखवा) के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर मां गंगा के दर्शन करने के लिए जिले की प्रमुख देव डोलियां कुपडा के नाग देवता भी गंगोत्री धाम पहुंची। इस मौके पर गंगोत्री विधानसभा के भाजपा विधायक और कांग्रेस के पूर्व विधायक हर्षिल घाटी के ग्रामीण भी कपाट बंद होने की अवसर पर गंगोत्री पहुंचे।

चारधाम यात्रा अपने आखिरी पड़ाव की ओर है। आज रविवार को गंगोत्री धाम के कपाट 12 बजकर 15 मिनट पर विधि-विधान के साथ बंद किए गए।
अन्नकूट पर्व के शुभ मुहूर्त पर गंगोत्री धाम में सुबह साढ़े बजे उदय बेला पर मां गंगा के मुकुट को उतारा गया। इस बीच श्रद्धालुओं ने मां गंगा की भोग मूर्ति के दर्शन किए, जिसके बाद अमृत बेला, अभिजीत मुहूर्त पर कपाट बंद किए गए। आगे गंगाजी का कलश यात्रा आज के दिन माँ भगवती गंगजी के डोली के साथ भगवान पशुपतिनाथ गंगा जल का कलश निकलता है जिससे वर्ष पर्यन्त अभिषेख होता है ।
इस दौरान तीर्थ पुरोहितों ने विशेष पूजा और गंगा लहरी का पाठ किया गया। डोली में सवार होकर गंगा की भोगमूर्ति जैसे ही मंदिर परिसर से बाहर निकली तो पूरा माहौल भक्तिमय हो उठा।

देवभूमि खबर

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