उत्तराखंड, पूरे देश की आस्था ही नहीं बल्कि, कर्म और कर्मठता की भूमि है:प्रधानमंत्री
देहरादून । प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने परेड ग्राउण्ड में आयोजित विशाल जनसभा को सम्बोधित करते हुए लगभग ₹18 हजार करोड़ की योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा कि ये योजनायें इस दशक को उत्तराखण्ड का दशक बनाने में मददगार होंगी। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को पर्यावरण सुरक्षा के साथ विकास का मॉडल बताते हुए कहा कि यह औद्योगिक कोरिडोर के साथ ही एशिया का बड़ा वाइल्ड लाइफ कोरिडोर भी होगा। सुरक्षा के साथ जंगली जानवरों को आवाजाही में सुविधा होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारे पहाड़ संस्कृति और आस्था के केन्द्र के साथ ही सुरक्षा के किले भी हैं। हमने सीमांत क्षेत्रों तक सैकड़ों किमी. सड़क बनाने, वन रैंक वन पेंशन की सुविधा, सेना का मनोबल बढ़ाने तथा किसी के दबाव में न आने के साथ ही राष्ट्र प्रथम की नीति अपनायी है। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने श्री पुष्कर सिंह धामी को युवा, लोकप्रिय और ऊर्जावान मुख्यमंत्री बताते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में उत्तराखण्ड के विकास का हर संकल्प पूरा होगा। राज्य में युवा नेतृत्व के साथ वरिष्ठ नेताओं की अनुभवी टीम है। प्रधानमंत्री श्री मोदी ने #COVID19 के टीकाकरण अभियान में उत्तराखण्ड का देश के अग्रणी राज्यों में शामिल होने पर भी उन्होने मुख्यमंत्री श्री धामी को बधाई दी। इससे पूर्व प्रधानमंत्री ने एन.एच.ए.आई. द्वारा संचालित योजनाओं के साथ ही अन्य योजनाओं पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
उत्तराखंड, पूरे देश की आस्था ही नहीं बल्कि, कर्म और कर्मठता की भूमि है। इसीलिए, इस क्षेत्र का विकास, यहां को भव्य स्वरूप देना डबल इंजन की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी भावना से सिर्फ बीते 5 वर्षों में उत्तराखंड के विकास के लिए केंद्र सरकार ने 1 लाख करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाएं स्वीकृत की हैं। यहां की सरकार इनको तेज़ी से ज़मीन पर उतार रही है। इसी को आगे बढ़ाते हुए, आज 18 हज़ार करोड़ रुपए से अधिक की परियोजनाओं का लोकापर्ण और शिलान्यास किया गया है। इनमें कनेक्टिविटी हो, स्वास्थ्य हो, संस्कृति हो, तीर्थाटन हो, बिजली हो, बच्चों के लिए विशेष तौर पर बना चाइल्ड फ्रेंडली सिटी प्रोजेक्ट हो, करीब-करीब हर सेक्टर से जुड़े प्रोजेक्ट इसमें शामिल हैं। बीते वर्षों की कड़ी मेहनत के बाद, अनेक जरूरी प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद, आखिरकार आज ये दिन आया है। ये परियोजनाएं, मैंने केदारपुरी की पवित्र धरती से कहा था, आज मैं देहरादून से दोहरा रहा हूं। ये परियोजनाएं इस दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने में अहम भूमिका निभाएंगी। इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए उत्तराखंड के लोगों का बहुत-बहुत अभिनंदन करता हूं, बहुत-बहुत बधाई देता हूं। जो लोग पूछते हैं कि डबल इंजन की सरकार का फायदा क्या है, वो आज देख सकते हैं कि डबल इंजन की सरकार कैसे उत्तराखंड में विकास की गंगा बहा रही है।
इस शताब्दी की शुरुआत में, अटल बिहारी वाजपेयी जी ने भारत में कनेक्टिविटी बढ़ाने का अभियान शुरू किया था। लेकिन उनके बाद 10 साल देश में ऐसी सरकार रही, जिसने देश का, उत्तराखंड का, बहुमूल्य समय व्यर्थ कर दिया। 10 साल तक देश में इंफ्रास्ट्रक्चर के नाम पर घोटाले हुए, घपले हुए। इससे देश का जो नुकसान हुआ उसकी भरपाई के लिए हमने दोगुनी गति से मेहनत की और आज भी कर रहे हैं। आज भारत, आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर 100 लाख करोड़ रुपए से अधिक के निवेश के इरादे से आगे बढ़ रहा है, आज भारत की नीति, गतिशक्ति की है, दोगुनी-तीन गुनी तेजी से काम करने की है। सालों-साल अटकी रहने वाली परियोजनाओं, बिना तैयारी के फीता काट देने वाले तौर-तरीकों को पीछे छोड़कर आज भारत नव-निर्माण में जुटा है। 21वीं सदी के इस कालखंड में, भारत में कनेक्टिविटी का एक ऐसा महायज्ञ चल रहा है, जो भविष्य के भारत को विकसित देशों की श्रंखला में लाने में बहुत बड़ी भूमिका निभाएगा। इस महायज्ञ का ही एक यज्ञ आज यहां देवभूमि में हो रहा है।
इस देवभूमि में श्रद्धालु भी आते हैं, उद्यमी भी आते हैं, प्रकृति प्रेमी सैलानी भी आते हैं। इस भूमि का जो सामर्थ्य है, उसे बढ़ाने के लिए यहां आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर पर अभूतपूर्व काम किया जा रहा है। चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत आज देवप्रयाग से श्रीकोट और ब्रह्मपुरी से कौड़ियाला, वहां के प्रोजेक्ट्स का लोकार्पण किया गया है। भगवान बद्रीनाथ तक पहुंचने में लाम-बगड़ लैंड स्लाइड के रूप में जो रुकावट थी, वो भी अब दूर हो चुकी है। इस लैंड स्लाइड ने देशभर के न जाने कितने तीर्थ यात्रियों को बद्रीनाथ जी की यात्रा करने से या तो रोका है या फिर घंटों इंतज़ार करवाया है और कुछ लोग तो थक कर के वापस भी चले गए। अब बद्रीनाथ जी की यात्रा, पहले से ज्यादा सुरक्षित और सुखद हो जाएगी। आज बद्रीनाथ जी, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम में अनेक सुविधाओं से जुड़े नए प्रोजेक्ट्स पर भी काम आरंभ हुआ है।
बेहतर कनेक्टिविटी और सुविधाओं से पर्यटन और तीर्थाटन को कितना लाभ होता है, बीते वर्षों में केधारधाम में हमने अनुभव किया है। केदारनाथ त्रासदी से पहले, 2012 में 5 लाख 70 हजार लोगों ने दर्शन किया था और ये उस समय का एक रिकॉर्ड था, 2012 में यात्रियों की संख्या का एक बहुत बड़ा रिकॉर्ड था। जबकि कोरोना काल शुरू होने से पहले, 2019 में 10 लाख से ज्यादा लोग केदारनाथ जी के दर्शन करने पहुंचे थे। यानि केदार धाम के पुनर्निर्माण ने ना सिर्फ श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ाई बल्कि वहां के लोगों को रोजगार-स्वरोजगार के भी अनेकों अवसर उपलब्ध कराए हैं।
पहले जब भी मैं उत्तराखंड आता था, या उत्तराखंड आने-जाने वालों से मिलता था, वो कहते थे- मोदी जी दिल्ली से देहरादून की यात्रा गणेशपुर तक तो बड़ी आसानी से हो जाती है, लेकिन गणेशपुर से देहरादून तक बड़ी मुश्किल होती है। आज मुझे बहुत खुशी है कि दिल्ली-देहरादून इकॉनॉमिक कॉरिडोर का शिलान्यास हो चुका है। जब ये बनकर तैयार हो जाएगा तो, दिल्ली से देहरादून आने-जाने में जो समय लगता है, वो करीब-करीब आधा हो जाएगा। इससे न केवल देहरादून के लोगों को फायदा पहुंचेगा बल्कि हरिद्वार, मुजफ्फरनगर, शामली, बागपत और मेरठ जाने वालों को भी सुविधा होगी। ये आर्थिक गलियारा अब दिल्ली से हरिद्वार आने-जाने के समय को भी कम कर देगा। हरिद्वार रिंग रोड परियोजना से हरिद्वार शहर को जाम की बरसों पुरानी समस्या से मुक्ति मिलेगी। इससे कुमांऊ क्षेत्र के साथ संपर्क भी और आसान होगा। इसके अलावा ऋषिकेश की पहचान, हमारे लक्ष्मण झूला पुल के समीप, एक नए पुल का शिलान्यास भी आज हुआ है।
मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रधानमंत्री श्री मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह हमारा सौभाग्य है कि आज देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के अथक परिश्रम एवं कुशल नेतृत्व से विकास के पथ पर निरंतर आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि केन्द्र सरकार के सहयोग से पिछले 5 वर्षों में ₹1 लाख करोड़ से अधिक की योजनाएं उत्तराखण्ड के लिए स्वीकृत हुई हैं जिनमें से बहुत सी योजनाएं पूर्ण हो चुकी है और अन्य पर कार्य चल रहा है।

