उत्तराखंड पृथक राज्य बनने के बाबजूद भी बबुरिया नायल ग्राम सभा सड़क मार्ग से वंचित

उत्तराखंड पृथक राज्य बनने के बाबजूद भी बबुरिया नायल ग्राम सभा सड़क मार्ग से वंचित
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अल्मोड़ा । जिले केभैसायाछाना बिकास खंड के ग्राम सभा बबुरिया नायल उतराखड राज्य बनने के बाद भी रोड तो दूर की बात ठीक ढंग से चलने के लिए रास्ते के तरस रहे हैं।

ग्राम प्रधान महेश बोरा ने इस सड़क मार्ग के लिए कई बार शासन-प्रशासन की गुहार लगाई लेकिन शासन-प्रशासन के कानों में जूं भी नही रैगा।बबुरिया नायल ग्राम सभा से धौलछीना बाजार में आने जाने के लिए दस किलोमीटर की दूरी है।इस रास्ते से छोटे छोटे बच्चों को स्कूल जाने आने व गर्भवती महिलाओं को निकटतम अस्पताल धौलछीना ले जाने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
ज्यदा बिमार आदमी को अस्पताल तक पहुंचाने के लिए डोली व खचरो का सहारा लेना पड़ता है।।
रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति के अध्यक्ष का कहना है।बबुरिया नायल ग्राम सभा बिन्सर की चोटी से जुडा हुई ग्राम सभा है।फल व व सांग सब्जी के लिए सबसे पैदावार वाली ग्राम सभा मानी जाती है। संतरा,सेब,नासपाती, अखरोट, नींबू,आडू, खुमानी,अदरक, लेहसुन, प्याज आलू आदि के उपजाऊ जमीन है।लेकिन ये दस किलोमीटर दूर धौलछीना बाजार में अपनी खेती पाती का फल व साग सब्जी निर्यात करने में यहां के किसान व कास्तकार अपनी खेती करना कम कर दिये।

रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति के अध्यक्ष प्रताप सिंह व समिति सहसचिव नन्दन सिह राना, ग्राम प्रधान महेश बोरा, ग्राम प्रधान दीवान सिंह , सुनीता देवी,दीपा देवी, बसंती देवी,मानुली देवी,मधुली देवी, गंगा देवी आदि लोगों ने इस सड़क मार्ग की सुध न लेने पर विधान सभा चुनाव का बहिष्कार करने के मन बना लिया।

देवभूमि खबर

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