गैरसैंण सँयुक्त संघर्ष समिति ने पत्र लिखकर मुख्यमंत्री को दिलाया उनकी घोषणा याद

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गैरसैंण। स्थाई राजधानी गैर सेंड सत्संग समिति ने मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित कर उनके 15 अगस्त को में की गई घोषणा की याद दिलाएं जिसमें उन्होंने बदलकर जांगलू कार्य पर समाधान के बजाय मुकदमा तो अपने को वापस लेने की घोषणा की थी ।

उन्होंने कहा कि जनता की भावना के अनुसार प्रदेश के केंद्र बिंदु गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित होना चाहिए था लेकिन 21 वर्षों के लंबे अंतराल में भी दो-दो नकली राजधानी से राज्य अलंकारी शहीदों के सपनों के साथ-साथ पहाड़ी राज्य की परिकल्पना पेड़ अथवा शाहीन हो रही है राजधानी गैरसैंण के लिए आंदोलन कर रहे आंदोलनकारियों पर समाधान के बजाय मुकदमा थोपा गया जिसकी आपके द्वारा रेस करने की घोषणा 15 अगस्त को बढ़ाना सेट में की गई थी अभी आपकी युवा सोच से उक्त विषय में समाधान की नई आशा जगी है लेकिन एक भरोसा से गढ़शंकर से उड़ गई जब नकली राजधानी का असली भरोसा करते हैं ।

हम करें ने कहा कि प्रदेश में नकली नहीं एक स्थाई राजधानी गैरसैंण में प्रदेश में धारा 30 गदर की घोषणा में विलंब नहीं करेंगे प्रदेश की मूलभूत सुविधाओं और राजधानी के क्षण के लिए वर्षों से हो रहे आंदोलन को पूर्व ज्ञापन पत्रों के अनुसार धरना प्रदर्शन नारेबाजी के साथ ही विरोध रैली नेता अधिकारियों का घेराव तालाबंदी चक्का जाम क्रमिक व आमरण अनशन उग्रवाद से पूरे प्रदेश स्तर पर शुरू किया जाएगा जिसकी कोई निर्धारित तिथि नहीं होगी और बार-बार ज्ञापन पत्र भी नहीं दी जाएंगे और साथ ही आगामी चुनाव बहिष्कार भी प्रदेश स्तर पर किया जाएगा जिसमें जनता व सरकार की किसी प्रकार ज्ञान की संपूर्ण जवाबदारी उत्तराखंड शासन और प्रशासन की होगी साथ ही आप की युवा सोच से भी जनता का भरोसा उठ जाएगा ।

देवभूमि खबर

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