ग्रामीण क्षेत्रों की पारंपरिक खेती से लोगों का मोह भंग होने पर कृषि मंत्री सुबोध उनियाल ने जताई चिंता
पौड़ी।कृषि उद्यान एवं रेशम विकास मंत्री तथा जनपद के प्रभारी मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने आज बतौर मुख्य अतिथि के रूप में जनपद के घंडियाल में कृषि विभाग के सहयोग से आयोजित ‘‘द न्यू विजन सैल्फ एम्प्लायमेंट गु्रप‘‘ द्वारा आयोजित पलायन रोकने एवं जैविक खेती के माध्यम से आर्थिकी को बढ़ावा देने हेतु कार्यक्रम में प्रतिभाग कर लोगों को सामुहिक खेती के रूप अपनाने पर जोर दिया। इस अवसर पर उन्होंने घंडियाल में ‘‘द न्यू विजन सैल्फ एम्प्लायमेंट गु्रप‘‘ जैविक उत्पाद क्रय केंद्र का विधिवत उद्याटन किया। इसके उपरान्त उन्होंने ग्रुप की उत्पादन स्थल,खेती,प्लांट का निरीक्षण किया साथ ही उन्होंने उत्पादित मूला सब्जी फसल से भरा यूटिलिटी को हरी झंडी देकर शहर को रवाना किया।
आयोजित कार्यक्रम में मंत्री उनियाल कृषि के क्षेत्र में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों की पारंपरिक खेती से लोगों का मोह भंग होने पर चिंता जताई। कहा कि शिक्षित होने के बावजूद भी लोग अपने व्यवसाय को छोड़कर पलायन कर रहे हैं। जो कि पहाड़ के हित में नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार विभिन्न येजनाओं के माध्यम से कृषि के क्षेत्र में हर संभव अनुदान दे रही है। कहा कि मौन पालन के क्षेत्र में सरकार ने पचार फीसदी को बढ़ाकर 80 प्रतिशत कर दिया है। जबकि कृषि यंत्र में भी 80 प्रतिशत अनुदान दे रही है। उन्होंने कहा कि सामूहिक खेती एक गांव एक जोत पर सभी को मिल जुलकर कार्य करना है। जिससे गांव की उत्पादित फसलों की आय क्षेत्रफल के हिसाब से मिल सकेगा तथा लोगों का आर्थिक पक्ष होने के साथ ही आपसी भाई चार को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने कहा कि जिला पौड़ी में जिला येजना के तहत एक करोड़ की धनराशि काश्तकारों की पारंपरिक फसल क्रय करने हेतु जारी की गई है। जबकि विक्रय के केंद्र के माध्यम से मंड़ी परिषद द्वारा सरकारी दरों पर खरीदी जाएगी। उन्होंने कोल्डरूम एवं कलैक्शन सेंटर खोलने की घोषणा की तथा 10 सोलर लाइट देने की बात कही। इस अवसर पर उन्होंने क्षेत्र की विभिन्न मांगों पर सिंचाई टैंक/बम्बू बांस उत्पादन हेतु मुख्य कृषि अधिकारी को कार्ययोजना तैयार करने को कहा।
इस अवसर पर दिनेश रावत ने कहा कि उनके दोनों पुत्र परमजय राजव एवं धनंजय रावत दिल्ली विश्वविद्यालय से अध्ययन कर तथा 50 हजार से अधिक के वेतन को छोड़कर जैविक खेती को बढ़ावा देने का रूख किया। जिसके तहत आज 12 लाख का मूला विक्रय हेतु बाजार में भेजा गया। कहा कि उक्त सामूहिक खेती में 24 लोग रिवर्स पलायन करके ख्ेतों में कार्य कर रहे हैं।
इस अवसर पर जिला विकास अधिकारी वेद प्रकाश, अपर कृषि निदेशक डा. परमराम, मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र सिंह राणा, उद्यान अधिकारी डा. नरेंद्र कुमार, कर्नल आनंद थपलियाल, धीरेंद्र रावत सहित महिलाएं, ग्रामीण, काश्तकार और जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।

