जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य की अत्यधिक आवश्यकता है :जिलाधिकारी
पौड़ी। जिलाधिकारी ने स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की समीक्षा बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार लाने के निर्देश दिये। उन्होंने विभिन्न कार्यक्रमों के तहत जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष रूप से गर्भवती महिलाओं और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ मुहैया कराने के भी निर्देश दिये।
कैम्प कार्यालय में जिलाधिकारी धीराज सिंह गर्ब्याल ने भारत सरकार तथा राज्य सरकार द्वारा कार्यक्रमों की बिन्दुवार समीक्षा की। उन्होंने पहाड़ में लोगों को स्वास्थ्य की बेहतर सेवा मिल सके इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध संसाधनों से ही कार्य करने का आव्हान किया। उन्होंने कहा कि जनपद के दूरस्थ क्षेत्रों में लोगों को बेहतर स्वास्थ्य की अत्यधिक आवश्यकता है। कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में विशेष रूप में गर्भवती महिलाओं और नौनिहालों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके इसके लिए स्वास्थ्य विभाग को अतिरिक्त मेहनत करने की जरूरत है। बैठक का संचालन करते हुए एसीएमओ डा. एचसीएस मर्तोलिया ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम, न्यू वेक्सिनेशन कार्यक्रम आदि की स्थापना और उद्देश्यों समेत विभागीय ढांचे पर विस्तार से जानकारियां दी। एनएचएम के तहत उन्होंने बताया कि जनपद के अधिकतर ब्लाकों में डाक्टरों का न होना प्रमुख समस्या है। बावजूद इसके कार्यक्रम के तहत 330 के सापेक्ष 190 एएनएम 239 उप केंद्र तथा 15 पीएचसी में कार्य कर रही हैं। उन्होंने बताया कि थलीसैंण, बीरोंखाल, रिखणीखाल आदि में अधिकतर एएनएम आदि पर्याप्त नहीं है। इन जगहों पर एएनएम अन्य जगहों से शिफ्ट किया गया है। राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बताया गया कि जनपद में बाल स्वास्थ्य को लेकर अभिभावकों में जन जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। जिसमें आशा और आगनवाड़ी कार्यकत्रियों की सहायता से बच्चों को पोषाहार देने, रूटीन हैल्थ चैकअप समेत अन्य गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। कार्यक्रम के तहत बच्चों में पोषाहार की वृद्धि, आयरन और फॉलिक एसिड आदि की गोलियां वितरण कार्यक्रम भी शामिल हैं। इस मौके पर राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के तहत बताया गया कि स्वास्थ्य मंत्रालय भारत सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार द्वारा पूरे देश में टेटनेस डिप्थीरिया, रोटावायरस समेत दस बीमारियों का टीकाकरण किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014 में भारत पोलियो की बीमारी से मुक्त घोषित किया गया। इसी के परिणाम स्वरूप जनपद में मार्च 2019 तक करीब दो लाख घरों में जाकर पोलियो की अतिरिक्त खुराक पिलाई गई। जिसके तहत करीब शत प्रतिशत का लक्ष्य प्राप्त किया गया। राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत बताया गया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की ओर से छह प्राथमिकताओं पर विशेष रूप से ध्यान दिया जा रहा है। जिनमें पोषण, यौन और प्रजनन स्वास्थ्य, गैर संक्रामक रोग, पदार्थ दुरूपयोग, चोट और हिंसा एवं मानसिक स्वास्थ्य शामिल हैं। इस मौके पर उन्होंने जिलाधिकारी के समक्ष कार्यक्रमों के संचालन में आ रही विभिन्न समस्याओं से अवगत कराया। इस मौके पर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. बीएस जगपांगी, सीएमएस डा. आरएस राणा, परियोजना निदेशक एसएस शर्मा, सीईओ मदन सिंह रावत, डीपीआरओ एमएम खान, डीआईपीओ जितेंद्र कुमार, ईई जल संस्थान एसके गुप्ता, डीटीओ डा. रमेश कुवंर, आशीष रावत समेत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी उपस्थित रहे।

