जखोली में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का आयोजन

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रूद्रप्रयाग राजकीय महाविद्यालय जखोली में महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर निबंध और भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। जिसमें उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया गया।
महाविद्यालय में आयोजित बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्रकृति में संतुलन तभी रहेगा, जब बेटा और बेटी का लिंगानुपात बराबर रहेगा। जिला कार्यक्रम अधिकारी हिमांशु बडोला ने कहा कि हम सभी का नैतिक कर्तव्य है कि हम समाज को जागरूक करें। उन्होंने बताया कि रुद्रप्रयाग जनपद के सभी स्कूलों, गांवों और शहरों में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान चल रहा है। गांवों में जागरूकता के लिए डॉक्यूमेंट्री दिखाकर, सेल्फी विद डॉटर, प्रतियोगिताएं समेत कई तरह के अभिनव प्रयोग किये जा रहे हैं।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जखोली से डॉक्टर जिज्ञासा ने बालिकाओं को स्वास्थ्य सम्बंधी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाओं को पीरियड होना प्राकृतिक है। इससे होने वाली बीमारी से बचाव के लिए महिलाओं को सैनिटरी पैड का उपयोग करना चाहिए। कपड़े का इस्तेमाल खतरनाक साबित हो सकता है। सांख्यकी सहायक शिल्पी भंडारी ने बेटी बचाओ-बेटी पढाओ कार्यक्रम की सार्थकता बताई और छात्राओं को सवाल पूछे।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ माधुरी ने कार्यक्रम के आयोजन के लिए महिला एवं बाल विकास विभाग का धन्यवाद ज्ञापित किया और कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से ही समाज जागरूक हो सकता है। जन अधिकार मंच के अध्यक्ष मोहित डिमरी ने छात्राओं से कहा कि वह गांव-गांव में लोगों को जागरूक करें। साथ ही उन्होंने बताया कि महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओ के समाधान को लेकर मंच निरंतर प्रयासरत है।
जन अधिकार मंच के संस्थापक रमेश पहाड़ी ने कहा कि बेटियों से ही संसार है। बेटी के बिना मानव जीवन की कल्पना ही नहीं की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आज सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक कारणों के चलते बेटियों को गर्भ में ही मारा जा रहा है। यह गंभीर सवाल है। इस पर चिंतन करने की आवश्यकता है। इस मौके पर मंच के संस्थापक सदस्य कान्ता प्रसाद ढोंडियाल, सह कोषाध्यक्ष कृष्णानंद डिमरी, उपाध्यक्ष अजय पुंडीर, अर्जुन नेगी, विजय ममगाई, बब्बन शाह समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थी। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक डॉ बबित ने किया।

देवभूमि खबर

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