महानगर कांग्रेस कमेटी नें दून की समस्याओं सम्बंधित जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा

महानगर कांग्रेस कमेटी नें  दून की समस्याओं सम्बंधित जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा
Spread the love

देहरादून।महानगर कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधि मडंल नें जिलाधिकारी के नाम संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से उन्होनें कहा की भडांरी बाग स्थित उत्तराखण्ड जल संस्थान की भूमि को वर्ष 2015 में चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा दून मेडिकल कालेज बनानें के लिए हस्तान्तरित किया गया था। इस भूमि में जिस खसरा नं0 464 रकबा 3600 वर्ग मीटर है जिस पर वर्तमान में लोग झुग्गियां बनाकर कई वर्षों से निवास कर रहे हैं। उन्होनें कहा वर्ष 2018 में स्थानिय पार्षद द्वारा चिकित्सा शिक्षा विभाग की अनुमति के बिना झण्डा बाजार स्थित जल संस्थान के कर्मचारियों से मिलकर इस जमीन पर सराकारी पेयजल लाईन बिछाकर मोटी धनराशि बसे हुए लोगों से लेकर जल संयोजन भी दे दिया गया है।

उन्होनें कहा मेडिकल कालेज भण्डारी बाग के पास स्थित गेट के पास ही सरकारी जमीन को अपनें भाई यशपाल धीमान एवं अपनें एक दोस्त के नाम से रजिस्ट्री करवाकर एक मीट विके्रता को बेच दिया गया है जिसनें उस पर एक दुकान भी बना दी है। उन्होनें कहा पार्षद के खिलाफ एक किसान की भूमि को जबरन कब्जा करनें का विवाद अदालत में लम्बित है। जबकि 11 अक्टूबर 2020 को पार्षद द्वारा बसे हुए लोगों को 27 15 का टुकड़ा इस जमीन पर दिया जा रहा हैैै। उन्होनें कहा बताया जा रहा है कि उक्त षडयंत्र में दून मेडिकल कालेज भण्डारीबाग का एक कर्मचारी भी सम्मिलित है।
उन्होंने अवगत कराया कि जिनके मकान हैं तथा उन्होनें अनधिकृत रूप से इस जमीन पर कब्जा किया हुआ है उनको भी पार्षद द्वारा इसी जमीन पर 27 15 का टुकड़ा दिया जा रहा है।

उन्होनें कहा 1 वर्ष पूर्व जिस झोपड़ी मे मनीराम नामक व्यक्ति रहता था उसका उसकी पत्नी एवं पुत्र का देहान्त हो चुका है उस जमीन को अपने मित्र राम हजूरे जिसका पूर्वी पटेल नगर में मकान है को दे दिया गया हैै। उन्होनें कहा स्थानीय पार्षद द्वारा ऐसी कई सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण करवाया गया है।
उन्होनें कहा द्रोण होटल के पीछे तप्पड़ में प्रशासन द्वारा अतिंक्रमण हटाओ अभियान चला कर दुकानों को तोड़ा गया जबकि तोड़नें से संबधित प्रशासन के पास कोइ आदेश नहीं था। यह की उक्त 1.45 एकड़ जमीन को सरकार द्वारा अधिग्रहण किया गया था जबकी मा0 न्यायालय द्वारा ध्वस्तीकरण के कोई आदेश नहीं थे। जबकि सरकार द्वारा दावा की गई कुल भूमि 10 फीट थी यह की प्रशासन द्वारा 10 फीट के बदले 14 फीट को बिना आदेश के ध्वस्त किया गया। यह कि उक्त जमीन के ध्वस्तीकरण के कोई आदेश नहीं थे।
उन्होनें जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन के माध्यम से उनसे उपरोक्त दोनों प्रकरण की जांच की मांग की।

इस दौरान पूूर्व विधायक राजकुमार, नीनू सहगल, नईम कुरैशी, कमरखान ताबी, पुरषोतम रावत, सुभाष धीमान आदी कांग्रेसजन मौजूद थे।

देवभूमि खबर

Related articles