देहरादून में 1 किलो 108 ग्राम चरस के साथ युवक गिरफ्तार, हिमाचल के कसोल से लाया था खेप
देहरादून। उत्तराखंड को नशामुक्त बनाने के अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) की एंटी नारकोटिक्स टीम ने कार्रवाई करते हुए 1 किलो 108 ग्राम चरस के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी हिमाचल प्रदेश के कसोल क्षेत्र से चरस लाकर देहरादून में बेचने के लिए आया था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर अग्रिम वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर मादक पदार्थों की तस्करी में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में एसटीएफ और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स की टीम ने तकनीकी एवं मैनुअल सूचनाएं जुटाकर आशारोड़ी चेकपोस्ट के पास चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली गई। उसके पास मौजूद काले रंग के बैग से 1,108 ग्राम चरस बरामद हुई। ड्रग डिटेक्शन किट से जांच में चरस होने की पुष्टि हुई।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान युसुफ पुत्र तौसीफ, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्रीन व्यू, दून गली, मालसी, देहरादून, मूल निवासी पटना, बिहार के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह हिमाचल प्रदेश के कसोल क्षेत्र से चरस लेकर देहरादून आया था। पुलिस ने आरोपी को एनडीपीएस अधिनियम की धारा 8/20 के तहत गिरफ्तार कर थाना क्लेमेंटाउन में मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की जांच और वैधानिक कार्रवाई जारी है।
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान युसुफ पुत्र तौसीफ, उम्र 22 वर्ष, निवासी ग्रीन व्यू, दून गली, मालसी, देहरादून, मूल निवासी पटना, बिहार के रूप में हुई है।
पुलिस टीम में एसटीएफ/एएनटीएफ की टीम में निरीक्षक भवानी शंकर पंत, उपनिरीक्षक दीपक मैठानी, कांस्टेबल रवि पंत, प्रदीप कुमार और दीपक नेगी शामिल रहे। थाना क्लेमेंटाउन की टीम से उपनिरीक्षक विवेक भंडारी और कांस्टेबल रणवीर शाह ने कार्रवाई में सहयोग किया
एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने छात्र-छात्राओं, अभिभावकों और शिक्षकों से नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे जागरूकता अभियान में सक्रिय भागीदारी करने की अपील की है। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और किसी भी लालच में आकर नशा तस्करी जैसे अपराधों में शामिल न होने का आह्वान किया। साथ ही आमजन से अपील की कि नशा तस्करी से संबंधित कोई भी सूचना मिलने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाने अथवा एसटीएफ/एएनटीएफ उत्तराखंड को सूचित करें।


