मलिन बस्तियों को मालिकाना हक प्रदान नहीं किया गया है:राजकुमार

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देहरादून। राजपुर रोड़ विधानसभा क्षेत्र के पूर्व विधायक राजकुमार ने प्रदेश सरकार पर हमला करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार के समय के विकास कार्यों को रोकने का काम किया गया है और आज तक भाजपा सरकार की नाकामियों से मलिन बस्तियों को मालिकाना हक प्रदान नहीं किया गया है, जबकि कांग्रेस सरकार ने मलिन बस्तियों को नियमितीकरण के लिए कानून बनाने का काम किया और 40 लोगों को पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने दो अक्टूबर 2016 में मालिकाना हक प्रदान किये गये।
यहां कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा कि मलिन बस्तियों को मालिकाना हक प्रदान नहीं किया गया है, जबकि कांग्रेस सरकार ने मलिन बस्तियों को नियमितीकरण के लिए कानून बनाने का काम किया किया और इन बस्तियों के सौन्दर्यीकरण के लिए कांग्रेस सरकार के समय 400 करोड़ रूपये का प्रावधान किया गया और इसके लिए आचार संहिता लगने के साथ ही साथ प्रदेश में कांग्रेस सरकार सत्ता में नहीं आ पाई और भाजपा ने कांग्रेस की कल्याणकारी योजनाओं को रोकने का काम किया है और मलिन बस्तियों को मालिकाना हक प्रदान करने के लिए जहां कानून बना है और वहीं भाजपा ने इन मलिन बस्तियों के लिए तीन साल का अध्यादेश जारी किया है जिसका कोई औचित्य नहीं है। कांग्रेस सरकार के समय में बनाये गये कानून को भाजपा ने ठंडे बस्ते में डाल दिया है और तीन साल से मलिन बस्तियों से हाउस टैक्स भी बंद किये हुए है।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से डीएल रोड आर्यनगर से मोथरोवाला तक सौ करोड़ की लागत से सीवर लाईन बिछाने काम कांग्रेस सरकार के समय में शुरू किया गया और भाजपा सरकार ने उसे भी रोक दिया है। चकराता रोड़ प्रभात सिनेमा से भूसा स्टार सहारनपुर रोड़ तक नाला ढकने का काम किया गया लेकिन जो नाला ढकने का काम उनकी सरकार के समय में तिलक रोड़ से कांवली तक हुआ आज तक उससे आगे नहीं बढ़ पाया है और सरकार लगातार विकास कार्यों को रोकने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इंदिरा मार्केट में इंदिरा गांधी रि डेवलेपमेंट प्लान को भी रोक दिया गया है और पांच सौ छोटे व्यापारियों के एमडीडीए से साढ़े चार सौ का एमओयू पांच पांच हजार में किया गया और सौ से अधिक दुकानें वहां पर बनी हुई है लेकिन आज तक इस कार्य को आगे नहीं बढ़ाया है और लगातार विकास कार्य रोके जा रहे है। उन्होंने कहा कि ट्रैफिक से निजात पाने के लिए तहसील चौक स्थित पुराने डीएसओ कार्यालय को तोडकर वहां पर पार्किंग की व्यवस्था का प्रावधान किया गया लेकिन आज तक यह योजना भी ठप्प पड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि स्मार्ट सिटी के नाम पर प्रदेश की जनता को बरगलाने का काम किया है और आज तक स्मार्ट सिटी के लिए किसी भी प्रकार की कोई कार्ययोजना तैयार नहीं की गई है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस की सरकार आने पर इन सभी रूके हुए विकास कार्यों को केन्द्र सरकार की मदद से पूर्ण करने का काम किया जायेगा। इस अवसर पर वार्ता में महानगर अध्यक्ष लालचन्द शर्मा, गोदावरी थापली आदि शामिल थे।

देवभूमि खबर

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