देहरादून के छात्रों ने इंटरनेशनल रैंक हासिल कर शहर का नाम रोशन किया

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देहरादून।देवभूमि खबर।। विश्व के सबसे बड़े ओलिंपियाड, साइंस ओलंपियाड फाउंडेशन द्वारा आयोजित इंटरनेशनल ओलिंपियाड 2018-19 में देहरादून के छात्रों ने इंटरनेशनल रैंक हासिल कर शहर का नाम रोशन किया। ओलंपियाड परीक्षा 2018-2019 में तीस देशो के 1400 शहरो से 50,000 स्कूलों के लाखांे छात्र शामिल हुए। देहरादून से 24000 छात्रों ने इस ओलिंपियाड परीक्षा में हिस्सा लिया।
  शहर से नेशनल साइंस ओलिंपियाड में दून इंटरनेशनल स्कूल के कक्षा एक के छात्र प्रथ्वी ढाका और समर वैली स्कूल की छात्रा आराध्य चैधुरी ने इंटरनेशनल रैंक एक हासिल किया स इंटरनेशनल जर्नल नोव्लाजे ओलिंपियाड में दिल्ली पब्लिक स्कूल की कक्षा एक की छात्रा निवेदिता सिंह ने इंटरनेशनल रैंक 1 हासिल कियास अवार्ड के तौर पर छात्रों को सर्टिफिकेट और गोल्ड मैडल से सम्मानित किया गया। द इंडियन पब्लिक स्कूल राजावाला से नेशनल साइबर ओलिंपियाड में कक्षा ग्यारवी का छात्र मुदित लाल को रैंक तीन हासिल करने पर सर्टिफिकेट और ब्रोंजे मैडल से सम्मानित किया। साइंस ओलंपियाड फाउंडेशन (एसओएफ) ने राजधानी दिल्ली में 2018-19 में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले इंटरनेशनल  ओलंपियाड के विजेता छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। कार्यक्रम का आयोजन आंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर (ऑडिटोरियम) में आयोजित किया। इस मौके पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया जस्टिस दीपक मिश्रा मौजूद थे। इस अवार्ड्स कार्यक्रम में 180 इंटरनेशनल रैंक होल्डर छात्रों  को अवार्ड्स से नवाजा गया। कार्यक्रम में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर इंटरनेशनल रैंक एक पाने वाले 60 छात्रों को 50-50 हजार रुपये की राशि गोल्ड मेडल , दूसरा स्थान हासिल करने वाले 60 छात्रों को सिल्वर मेडल और 25-25 हजार  की राशि और तीसरा स्थान हासिल करने वाले 60 छात्रों को  ब्रोंज मेडल और 10-10 हजार की राशि से सम्मानित किया गया। जस्टिस दीपक मिश्रा ने छात्रों को सम्बोधित करते हुए कहा की जीवन में सबसे जरूरी है साहस, कितनी की विपदाए आये, स्थितियां कैसी भी हो हिम्मत और साहस रहेगा तो दिमाग काम करेगा, असलियत में डर होता ही नहीं, नकारात्मक सोच विकास में बाधा एक अच्छे लीडर की पहचान लोग खुद खुद उनके साथ चलते है,छात्रों से कहा की सुनने की आदत डाले। उन्होंने जोर देकर कहा की हर भारतीय नागरिक का कर्तव्य बनता है की भारत के कानून का सम्मान करंे। जस्टिस दीपक मिश्रा ने ओलिंपियाड परीक्षाओ पर बोलते हुए कहा की इस तरह की परीक्षाये छात्रों के अंदर के डर को खत्म करती है और  असफलता एक चुनौती है। इस दौरान रणजीत पांडेय प्रेजिडेंट इंस्टिट्यूट ऑफ कंपनी सेक्रेटरीज ऑफ इंडिया, वि रामास्वामी टाटा कंसल्टेंसी सर्विस आईओएन के ग्लोबल हेड और माइकल किंग डायरेक्टर एग्जामिनेशन ब्रिटिश कौंसिल विशिष्ठ अतिथि के तौर पर मौजूद थे ।

देवभूमि खबर

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