उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट, प्रशासन अलर्ट मोड में — जनपदों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश
देहरादून। मौसम विभाग द्वारा जारी ऑरेंज अलर्ट के बाद राज्य में प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने सभी जनपदों के अधिकारियों के साथ बैठक कर स्थिति की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।
मौसम विभाग के अनुसार सोमवार (4 मई) और मंगलवार (5 मई) के लिए भी ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। 4 मई को देहरादून, हरिद्वार, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल, ऊधम सिंह नगर और चम्पावत जिलों में तथा 5 मई को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर और पिथौरागढ़ जिलों में खराब मौसम की चेतावनी दी गई है। इस दौरान तेज बारिश, ओलावृष्टि, आकाशीय बिजली और 40–50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।
सचिव विनोद कुमार सुमन ने निर्देश दिए कि मौसम से संबंधित सभी अलर्ट राज्य और जिला आपातकालीन परिचालन केंद्रों के माध्यम से तुरंत आमजन तक पहुंचाए जाएं, ताकि लोग समय रहते सतर्क हो सकें।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि बाधित सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए। कुछ स्थानों पर सड़कों के बंद होने की सूचना मिली थी, जिनमें से अधिकांश मार्ग बहाल कर दिए गए हैं, जबकि शेष को जल्द सुचारु करने के निर्देश दिए गए हैं।
चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए हेलीकॉप्टर सेवाओं के संचालन को मौसम के अनुरूप रखने के निर्देश दिए गए हैं। प्रतिकूल परिस्थितियों में उड़ानों को स्थगित रखने पर जोर दिया गया है, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
प्रशासन ने सभी जनपदों को संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी बढ़ाने, आपदा प्रबंधन तंत्र को सक्रिय रखने और किसी भी आपात स्थिति में त्वरित राहत एवं बचाव कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करें और अनावश्यक यात्रा से बचें।

