ओएनजीसी महिला पाॅलीटेक्निक संस्थान के अस्तित्व को ही मिटाने की साजिशः शान्ति प्रसाद भट्ट

Spread the love
देहरादून।देवभूमि खबर। ओएनजीसी महिला पाॅलीटेक्निक मुख्यालय देहरादून में कार्यरत कुछ अधिकारियों द्वारा सरकार की आॅंखों में धूल झोंकते हुए ओएनजीसी व सोसाईटी की आड़ में वर्षो से इस संस्थान के माध्यम से घोर अनियमितताएं व करोडों रूपये के घोटालों को अंजाम दिया जाता रहा है। आज यह घोटाला ओएनजीसी महारत्न का महाघोटाला बन गया है।
शनिवार को उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित पत्रकार वार्ता में संस्थान की यूनियन के अध्यक्ष शान्ति प्रसाद भट्ट ने कहा कि वर्तमान में ओएनजीसी प्रबन्धन द्वारा संस्थान में पढ रही छात्राओ कार्यरत शिक्षिकाआंे/कर्मचारियों के विरूद्व साजिशें रचते हुए संस्थान के अस्तित्व को ही मिटाने की साजिश रच दी गई है। उन्हांेने कहा कि ओएनजीसी प्रबन्धन की इन गम्भीर अनियमितताओं, घोटालों व साजिशों के विरूद्व आवाज उठाते हुए प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री, केन्दीय पेट्रोलियम मंत्रालय, केन्दीय सतर्कता आयोग, सीबीआई, कैग, केन्दीय/राज्य मानवाधिकार आयोग, एआईसीटीई, ओएनजीसी के सीएमडी व निदेशक एचआर केन्द्र राज्य सरकारों के सक्षम मंत्रालयों आदि को लिखित शिकायतें की जाती रही हैं पर कहीं से भी कोई कार्यवाही न होने पर ओएनजीसी अधिकारियों द्वारा किया जाने वाला यह भ्रष्टाचार लगातार बढ़ता ही गया। प्रेस वार्ता में एमसी पन्त शान्ती प्रसाद भट्ट, जगमोहन मंेहन्दीरत्ता, सामाजिक कार्यकर्ता रविन्द्र जुगरान, बीपी मैठाणी, राकेश कुमार, पूनम काजल, रश्मि, कमलेश, बीडी जोशी, दीक्षा, हरजीत, रश्मि जिंदल, सोनिया, नुपुर, ज्योति, प्रेमलता, संध्या, अजीत मिश्रा, सुनील कुमार, आरपी तिवारी, भूषण शर्मा, विनिता, विदूषी संस्थान के अन्य शिक्षक कर्मचारी छात्रायें व अन्य गणमान्य नागरिक उपस्थित थे।

देवभूमि खबर

Related articles