मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए समुदाय भागीदारी बहुत महत्‍वपूर्ण है : डॉ. हर्षवर्धन

मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए समुदाय भागीदारी बहुत महत्‍वपूर्ण है : डॉ. हर्षवर्धन
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नईदिल्ली। पीआईबी। केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया जैसे वेक्‍टर जनित रोगों (वीबीडी) की रोकथाम और नियंत्रण के उपायों के बारे में लोगों को संवेदी और गतिशील बनाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू कर रहा है। यह तीन दिवसीय अभियान 17 जुलाई, 2019 से शुरू होगा। इस अभियान की पूर्व संध्‍या पर डॉ. हर्षवर्धन ने कहा कि इस तीन दिवसीय अभियान का उद्देश्‍य दिल्‍ली में वेक्‍टर/मच्‍छरों के प्रजनन की रोकथाम के लिए जन समुदाय को भागीदार बनाना है। जन प्रतिनिधियों, भारत सरकार और दिल्‍ली सरकार के अधिकारियों, तीनों दिल्‍ली नगर-निगमों, नई दिल्‍ली नगरपालिका परिषद, रेलवे और कैंटोंनमेंट बोर्ड के अधिकारियों तथा अन्‍य हितधारकों की सक्रिय भागीदारी द्वारा मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से निपटने के लिए 17 से 19 जुलाई, 2019 तक चलने वाला यह कार्यक्रम जन आंदोलन बनने वाला है।

सामूहिक प्रयासों और जनता की सक्रिय भागीदारी से मानसून से पहले अपने आस-पास के क्षेत्र को मच्‍छरों से मुक्‍त बनाना आसान है। ऐसा पहली बार हो रहा है कि तीन सरकार- केंद्र, राज्‍य और स्‍थानीय निकाय एक जन स्‍वास्‍थ्‍य गतिविधि के लिए समुदाय को गतिशील बनाने के लिए समग्र रूप से प्रयास करेंगी। उन्‍होंने कहा कि दिल्‍ली के मुख्‍यमंत्री, दिल्‍ली के सभी सांसदों, तीनों दिल्‍ली नगर-निगमों के मेयरों को इस अभियान में सक्रिय भागीदारी करने के लिए पत्र भेजे जा चुके हैं। सभी 272 नगर निगम वार्डों और 14 एनडीएमसी स्‍थलों के लिए कुल मिलाकर 286 टीमों का वार्ड वार गठन किया गया है। एक टीम में केंद्र सरकार और दिल्‍ली सरकार के अधिकारियों के साथ-साथ नगर निगम के अधिकारियों सहित 20-25 सदस्‍यों को शामिल किया गया है। उत्‍तर रेलवे और दिल्‍ली कैंट बोर्ड अपने-अपने क्षेत्रों में वीबीडी रोकथाम और नियंत्रण अभियान के रूप में अपनी गतिविधियां शुरू करेंगे। उन्‍होंने कहा कि प्रत्‍येक वार्ड टीम में संबंधित मलेरिया सर्किल, नागरिक निकाय, दिल्‍ली सरकार, केन्‍द्र सरकार के अधिकारी और नगर-निगमों के क्षेत्रीय कार्यकर्ता शामिल होंगे।

इस दौरान की जाने वाली गतिविधियों के बारे में डॉ. हर्षवर्धन ने बताया कि स्‍कूलों के दौरे के दौरान टीम के सदस्‍य, संस्‍थान प्रमुख/प्रिंसिपल/छात्रों और अन्‍य कर्मियों से मिलेंगे। ये सदस्‍य स्‍कूल के परिसर को वेक्‍टर मुक्‍त रखने के बारे में अध्‍यापकों को संवेदनशील बनाएंगे। श्री हर्षवर्धन ने कहा कि स्‍कूल के छात्रों को वीबीडी रोकथाम के तरीकों, वेक्‍टर मच्‍छारों के लारवा और वयस्‍कों के बारे में जानकारी देंगे। हैंड बिल तथा अन्‍य सामग्री के वितरण के साथ-साथ स्‍कूल परिसरों का निरीक्षण किया जाएगा। उन्‍होंने यह भी बताया कि अस्‍पतालों के दौरे के दौरान टीम चिकित्‍सा अधीक्षक/नोडल अधिकारी/केयर टेकर से मिलकर वीबीडी की रोकथाम और नियंत्रण के बारे में जानकारी देगी। यह टीम महत्‍वपूर्ण स्‍थलों पर वीबीडी रोकथाम और नियंत्रण के संदेश वाली आईईसी सामग्रियां रखेगी और रोगियों तथा उसके साथ आए व्‍यक्तियों से भी इस बारे में बातचीत करेगी। इसी प्रकार ये टीमें आरडब्‍ल्‍यूए के सदस्‍यों/लोगों से भी मिलेगी और उन्‍हें इस बारे में जागरूक करेंगी।

देवभूमि खबर

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