डीएम नें निर्माणदायी संस्थाओं को दुर्घटना संभावित स्थलों को ग्रामसभावार चिन्हित करने के निर्देश दिए
रूद्रप्रयाग। जिलाधिकारी मंगेश घिल्डियाल की अध्यक्षता में माह अप्रैल से माह जुलाई (15 जुलाई तक) की जनपद स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता करते हुए जिलाधिकारी ने जनपद के दुर्घटना संभावित स्थलों पर मनरेगा के माध्यम से पैरापैड बनाने की बात कही। इस कार्य हेतु निर्माणदायी संस्थाओं को दुर्घटना संभावित स्थलों को ग्रामसभावार चिन्हित करने के निर्देश दिए, जिससे पंचायतों में माध्यम से संबघित स्थलों को सुरक्षित किया जा सके।
जिला कार्यालय कक्ष में आयोजित बैठक में जिलाधिकारी ने जनपद में पूर्व हई दुर्घटनाओं की जाँच तहसीलो से ससमय से न आने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए संबंघित मजिस्ट्रेटों को 15 दिन के भीतर जाँच कर आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनपद में पाँच जाँच लंबित पडी हुई है, जिससे पीडितों को ससमय मुआवजा नही मिल पा रहा है।
मानसून अवधि में निर्माणदायी संस्थाओं द्वारा नाली, स्कप्पर सफाई, गडढे भरान आदि किए हुए कार्यो की रिर्पोट एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बैठक में एआरटीओ मोहित कोठारी ने बताया कि अप्रैल से जून तक विभाग द्वारा 1291 चालान, 69 प्रकरणों पर ड्राइविंग लाइसेंस निरस्तीकरण की सस्तुति, 03 वाहन चालकों को शराब पीकर गाडी चलाने पर जेल भेजा गया। इसके साथ ही इस वित्तीय वर्ष में 06 दुर्घटनाऐं हुई, जिसमें 04 मृतक व 28 लोग घायल हुए थे। परिवहन विभाग द्वारा टैक्सी यूनियन के चालक व परिचालकों को समय-समय पर परिवहन नियम व सुरक्षा के संबंध में सेन्सटाइज किया जाता है, किन्तु अब विद्यालय में ग्याहरवीं व बारहवीं के विद्यार्थियों को भी सेन्सटाइज करने की रणनीति है जिसे 15 दिन के भीतर शुरू कर दिया जाएगा।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी डाॅ एस.के. झा, उपजिलाधिकारी ऊखीमठ परमानन्द, जखोली देवमूर्ति यादव, डिप्टी कलेक्टर एन.एस नग्नयाल, अधिशासी अभियन्ता एन.एच. जे.के. त्रिपाठी, अधिशासी अभियन्ता ऊखीमठ मनोज दास, आर आई रोमेश अग्रवाल सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

