पौड़ी में पोषण मेले में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई

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पौड़ी।महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास तथा स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त तत्वाधान में महिलाओं को नवजात शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए संतुलित पोषाहार की जानकारियां दी गई। आयोजित पोषण मेले में महिला सशक्ति केंद्र, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, नंदा गौरा योजना तथा बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई।
‘‘सही पोषण-देश रोशन‘‘ स्लोगन के साथ पोषण मेला शहर के नगर पालिका सभागार में आयेाजित किया गया। पोषण मेले में शहर के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे बच्चों के स्वास्थ्य की जांच की गई। इस मौके पर बाल विकास एवं स्वास्थ्य विभागों की ओर से संचालित विभिन्न येाजनाओं की जानकारियां दी गई। विभागों द्वारा घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए वन स्टाॅप सेंटर, महिला शक्ति केंद्र, प्रधानमंत्री मातृ वन्दना योजना, नन्दा गौर योजना आदि योजनाओं की विस्तार से जानकारियां दी गई। मेले में विषय विशेषज्ञों ने महिलाओं को नवजात शिशुओं को अनिवार्य रूप से स्तनपान करने जाने को लेकर जनजागरूकता कार्यक्रम चलाया। उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं के लिए माता का दूध बेहद जरूरी है। जो कि वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दोनों ही दृष्टि से जच्चा और बच्चा के लिए अहम है। उन्होंने कहा कि गर्भधारण से लेकर बच्चे के दो साल का होने तक कुल एक हजार दिन नवजात बच्चे के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। माता का दूध बच्चे के लिए औषधि का कार्य करता है। इससे बच्चे की प्रतिरोधक क्षमता का विकास तो होता ही है साथ ही बच्चे का मानसिक विकास भी तेजी के साथ होता है। इस मौके पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा आयुष्मान दिवस मनाया गया। जिसमें योजना के अन्तर्गत गोल्डन कार्ड बनाए गए। प्रभारी जिला कार्यक्रम अधिकारी जितेंद्र कुमार ने बताया कि पूरे देश में इन दिनों पोषण माह के तहत जन जागरूकता कार्यक्रम संचालित किया जा रहे हैं। इसी तर्ज पर जिले के विभिन्न स्थानों पोषण मेले आयोजित किये जा रहे हैं।
इस मौके पर सीएमएस महिला अस्पताल डाॅ. मेघना असवाल, डाॅ. आशीष गुसांई, डाॅ. विकास, डाॅ. शशि, बाल विकास सुपरवाइजर अन्जू चमोली, आंगनवाड़ी कार्यकत्री गीता देवी आदि उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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