डीएम स्वाति एस भदौरिया ने राजकीय आश्रम पद्वति विद्यालय जूनियर हाईस्कूल, सैकोट का किया औचक निरीक्षण
चमोली।जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने राजकीय आश्रम पद्वति विद्यालय जूनियर हाईस्कूल, सैकोट का औचक निरीक्षण किया। विद्यालय में बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा एवं पौष्टिक आहर न दिए जाने तथा स्कूल मैनेजमेंट में कई खामियों को देखते हुए जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए विद्यालय अधीक्षक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। विद्यालय अधीक्षक को सभी खामियों को तत्काल दूर करते हुए व्यवस्थाओं दुरूस्त करने को कहा। इस दौरान उन्होंने बच्चों के पठन पाठन, भोजन, आवास, साफ सफाई, खेलकूद, रसोईघर, कर्मचारियों की उपस्थिति पंजिका का निरीक्षण भी किया। उन्होंने बच्चों से बातें करते हुए उनकी समस्याओं को भी जाना।
जिलाधिकारी ने कक्षा छह के बच्चों से गणित व अंग्रेजी विषयों के कुछ सवाल पूछे। जिसका बच्चे संतोषजनक जबाव नही दे पाए। इस पर जिलाधिकारी ने कडी नाराजगी व्यक्त करते हुए विद्यालय अधीक्षक को बच्चों को गुणवत्तापरक शिक्षा देने के लिए ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए। इसके अलावा सभी शिक्षकों को पूरे समय अविवार्य रूप से कैम्पस में ही रहने को कहा गया। जिलाधिकारी ने बेहतर शिक्षा दिए जाने की हिदायत देते हुए कहा कि राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालय में गरीब तबके के बच्चे पढ़ते हैं। उनकी शिक्षा पर विशेष ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि जो विषय पढ़ाये जा चुके हैं, उनका पुनरू अध्ययन कराते हुए कोर्स को प्रतियोगी परीक्षाओं की भांति तैयार कराया जाए।
जिलाधिकारी ने आश्रम पद्वति विद्यालय में रसोईघर, भोजनालय, छात्रावास, पुस्तकालय, शौचालय, स्टोर रूम, सुरक्षा एवं साफ सफाई व्यवस्था का निरीक्षण भी किया। रसोई घर में जाकर खाद्य सामग्री के ब्रांडों को भी देखा। भोजन मेनू के हिसाब से बच्चों को सुबह हल्का नाश्ता और दोपहर के भोजन में सब्जी न दिए जाने, किचन में मसाले, दाले व अन्य सामग्री गन्दे खुले डब्बों में रखने जाने पर उन्होंने विद्यालय अधीक्षक को जमकर फटकार लगाते हुए भोजन व्यवस्था के लिए नियुक्त ठेकेदार से किए गए अनुबंध को तत्काल समाप्त करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आश्रम पद्वति विद्यालय में रसोईघर, भोजनालय, छात्रावास, पुस्तकालय, शौचालय, स्टोर रूम, सुरक्षा एवं साफ सफाई व्यवस्था का निरीक्षण भी किया। रसोई घर में जाकर खाद्य सामग्री के ब्रांडों को भी देखा। भोजन मेनू के हिसाब से बच्चों को सुबह हल्का नाश्ता और दोपहर के भोजन में सब्जी न दिए जाने, किचन में मसाले, दाले व अन्य सामग्री गन्दे खुले डब्बों में रखने जाने पर उन्होंने विद्यालय अधीक्षक को जमकर फटकार लगाते हुए भोजन व्यवस्था के लिए नियुक्त ठेकेदार से किए गए अनुबंध को तत्काल समाप्त करने की कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने आवासीय व्यवस्था के उपयोग में लाई जा रही बेड, चौकी, बिस्तर, गद्दा, चादर, बेडशीट, तकिया की साफ.सफाई के साथ ही गुणवत्ता को भी देखा। उन्होंने विद्यालय में कम्प्यूटर, फर्नीचर तथा इन्वल्टर तथा शौचालयों के दरवाजे व टायल्स लगाने के प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने तथा शौचालय एवं पूरे कैम्पस की सफाई व्यवस्था के लिए स्वीपर रखने के निर्देश दिए। उन्होंने समाज कल्याण अधिकारी को प्रत्येक माह विद्यालय की व्यवस्थाओं का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए। कहा कि उनके अगले निरीक्षण में कोई भी कमी मिली तो सख्त कार्यवाही अमल में लायी जाएगी।
जिलाधिकारी ने वापसी में माॅडल स्कूल बनाए जाने हेतु चिन्हित रा0प्रा0 विद्यालय पपडियाण का निरीक्षण भी किया। इस दौरान उन्होंने प्रा0वि0 पपडियाणा को आदर्श बनाने के लिए आवश्यक संशाधनों की जरूरत के संबध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यालय में फर्नीचर, म्यूजिकल इन्सटूमेंट, खेल सामग्री, स्कूल फील्ड एवं विद्यालय की चाहरदीवारी के प्रस्ताव शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश जिला शिक्षा अधिकारी को दिए।
इस दौरान जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक नरेश कुमार हल्दयानी, खण्ड शिक्षा अधिकारी दर्शन लाल टम्टा, समाज कल्याण अधिकारी सुरेन्द्र लाल आदि मौजूद थे।

