नेशनल अकादमी ऑफ पंचकर्म एंड रिसर्च नापार की केंद्रीय इकाई द्वारा किया गया वेबिनार का आयोजन

नेशनल अकादमी ऑफ पंचकर्म एंड रिसर्च नापार की केंद्रीय इकाई द्वारा किया गया वेबिनार का आयोजन
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देहरादून। नेशनल अकादमी ऑफ पंचकर्म एंड रिसर्च नापार की केंद्रीय इकाई द्वारा एक वेबिनार का आयोजन क्लीनिकल पंचकर्म विषय के साथ  डॉ अतुल  वार्ष्णेय के संयोजन में सम्पन्न हुआ।नापार के राष्ट्रीय सचिव डॉ विनोद वैरागी ने संगठन के बारे में विस्तार से बताया कि यह संगठन 1995 से सारे भारत के पंचकर्म विशेषज्ञों के एकमात्र संगठन के रूप में कार्य कर रहा है तथा हर प्रदेश में इसकी स्वतंत्र इकाई कार्य कर रही है।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रोफेसर अनूप ठाकर उप कुलपति  गुजरात आयुर्वेद यूनिवर्सिटी जामनगर ने पंचकर्म की अंतरराष्ट्रीय पहचान को बताया तथा पंचकर्म के एविडेंस पर आधारित शोध कार्यों की चर्चा की ,उन्होंने जामनगर के इंस्टीट्यूट ऑफ पोस्टग्रेजुएट टीचिंग एंड रिसर्च में पंचकर्म चिकित्सा में किये जा रहे शोध कार्यों को विस्तार से बताया।एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रोफेसर उमा शंकर निगम मुम्बई ने बस्ति चिकित्सा के अनुभूत योगों के  बारे में विस्तार से बताया। देहरादून के डॉ जे एन नौटियाल जी ने केरल में किये जाने वाले विभिन्न स्नेहन व स्वेदन की प्रक्रियाओं को विस्तार से बताया व उसके प्रयोग के समय आवश्यक सावधानियों को विस्तार से बताया डॉ नौटियाल ने नए आयुर्वेदिक चिकित्सकों को पंचकर्म चिकित्सा अपनाने की सलाह दी उन्होंने कहा कि जीर्ण एवम जटिल रोगों में पंचकर्म रामबाण चिकित्सा है।नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ आयुर्वेद जयपुर के पंचकर्म विभाग प्रमुख प्रसिद्ध प्रोफेसर गोपेश मंगल ने विरेचन कर्म द्वारा चिकित्सा को विस्तार से बताया।उन्होंने अपने दीर्घ चिकित्सकीय अनुभव को श्रोताओं के साथ साझा किया।

 प्रोफेसर अनिल भारद्वाज ने वमन कर्म की विस्तार से चर्चा की तथा सोरियासिस के रोगियों में वमन के प्रभाव को विस्तार से बताया। कार्यक्रम के संचालक इंडियन वैद्या के डॉ पीयूष जुनेजा ने श्रोताओं के प्रश्नों को रखा।। डॉ अतुल वार्ष्णेय ने बताया कि पंचकर्म की विभिन्न चिकित्सा विधियों से अनेक असाध्य रोगों में भी पूर्ण लाभ मिलता है।कार्यक्रम में विभिन्न आयुर्वेद कॉलेजों के अध्यापक व देश भर के निजी चिकित्सक व विद्यार्थियों ने भी भाग लिया। कार्यक्रम को इंडियन वैद्या व अतुल्यायुर्वेदवर्ल्ड के एफबी पेज से भी लाइव टेलीकास्ट किया गया जिसे हजारों चिकित्सकों ने देखा।

देवभूमि खबर

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