मंगलता सेरा की महिलाओं की मेहनत रंग लाई श्रमदान कर बनाये बांध और गूल के सहारे खेतों में पहुंचाया पानी

मंगलता सेरा की महिलाओं की मेहनत रंग लाई श्रमदान कर बनाये बांध और गूल के सहारे खेतों में पहुंचाया पानी
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अल्मोडा।मंगलतासेरा की महिलाओं ने श्रमदान कर नदी में बांध बनाकर खेतों में पानी पहुंचा कर बंजर भूमि को आबाद किया है। सामाजिक कार्यकर्ता हेमा भट्ट के मार्गदर्शन में लगातार एक माह तक महिलाओं ने बांध और गूल बनाकर खेतों तक पानी पहुंचाया जिसके कारण मंगलता सेरा की बंजर भूमि में मातृ शक्ति रोपाई कर रही है।

गौरतलब है कि हेमा भटु,जानकी बानी,कमला भट्ट प्रियंका देवी, रमा नेगी,नीलम भट्ट,किरन नेगी,प्रेमा देवी, राधिका देवी, हरुली देवी, जानकी नेगी, मुन्नी देवी, नारायणी देवी, ललिता नेगी, उषा देवी शोभा देवी रेवती देवी, दीपा देवी, शान्ति भट्ट ,लालचन,गोविंद सिंह हवलदार आदि लोगों ने मंगलता सेरा को बंजर से आबाद करने के लिए लगातार श्रम दान किया । हेमा भट्ट के द्बारा मार्गदर्शन करके एक बीत जाने के बाद मंगलता सेरा में आज मात्र शक्ति की मेहनत रंग लाई है। मात शक्ति बंजर खेतों में रोपाई क रहे हैं। रीठागाड भैसियाछाना विकास खंड के लिए ही नहीं बल्कि अल्मोड़ा जिले व पिथौरागढ़ जिले के लिए सौगात है।इन मात्र शक्ति ने अपने समूह की एकता के साथ रात दिन मेहनत करके एक महिने के बाद मंगलता सेरा में पानी पहुंचाने के लिए प्रयास किया लेकिन आज मंगलता सेरा की बंजर भूमि में हमारी मातृ शक्ति रोपाई कर रही है।।

रीठागाडी दगड़ियों संघर्ष समिति केअध्यक्ष प्रताप सिंह नेगी ने बताया कि रीठागाड क्षेत्र धान व गेहूं की खेती एक अपने में प्रसिद्ध जगह मानी जाती है । रीठागाड में खेती की उपजाऊ जमीन के लिए शासन प्रशासन में गुहार लगाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। रीठागाड के खेत बंजर पढ़ें थेलेकिन मंगलता सेरा में तीन चार गांवों की उपजाऊ भूमि बंजर रहने पर महिला संगठन ने ठाना लगातार नदी में बांध बनाकर संघर्ष किया ।एक महिने श्रम दान करके मंगलता सेरा के डुगरा लेख,जाली खेत,गुडली गांव व मंगलता गांव के 90 से परिवारों की ज़मीन को उपजाऊ करने अपना श्रम दान दिया।

देवभूमि खबर

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