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रामलीला के मंच से बहादराबाद पुलिस ने दिया साइबर सुरक्षा का संदेश, ‘डिजिटल रावण’ से बचने की अपील

रामलीला के मंच से बहादराबाद पुलिस ने दिया साइबर सुरक्षा का संदेश, ‘डिजिटल रावण’ से बचने की अपील
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हरिद्वार। त्योहारी सीजन में बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए बहादराबाद पुलिस ने रामलीला के मंच से अनूठी पहल की। रामलीला के दौरान उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने रामायण के प्रसंगों के माध्यम से सैकड़ों दर्शकों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए और सतर्क रहने का संदेश दिया।

रामायण के अरण्यकांड में माता सीता के हरण के प्रसंग का उदाहरण देते हुए उप निरीक्षक हेमदत्त भारद्वाज ने बताया कि जिस प्रकार रावण ने साधु का वेश धारण कर छल किया था, उसी प्रकार आज साइबर अपराधी भी अलग-अलग पहचान बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में साइबर अपराधियों के अलग-अलग तरीकों को ‘डिजिटल रावण’ कहा जा सकता है। ये अपराधी कभी पुलिस या सीबीआई अधिकारी, कभी बैंक कर्मचारी, कस्टमर केयर प्रतिनिधि तो कभी रिश्तेदार बनकर लोगों को डराते या लालच देते हैं।

उन्होंने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार नकली आवाज और वीडियो, फर्जी पहचान, केवाईसी अद्यतन के नाम पर ठगी, फर्जी लॉटरी, नौकरी के झूठे प्रस्ताव और संदिग्ध लिंक के माध्यम से होने वाली धोखाधड़ी के प्रति लोगों को आगाह किया। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार लक्ष्मण रेखा सुरक्षा का प्रतीक है, उसी प्रकार साइबर सुरक्षा के नियमों का पालन कर लोग अपनी मेहनत की कमाई सुरक्षित रख सकते हैं।

पुलिस ने लोगों से अपील की कि वे अपना ओटीपी, पासवर्ड, बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी और एटीएम पिन किसी के साथ साझा न करें। अनजान लिंक पर क्लिक करने, संदिग्ध मोबाइल ऐप डाउनलोड करने और अनजान व्यक्तियों को मोबाइल का नियंत्रण देने से बचें। सामाजिक माध्यमों पर मजबूत पासवर्ड रखें और दोहरी सुरक्षा व्यवस्था का उपयोग करें। नौकरी, लॉटरी, ऋण या अन्य आकर्षक प्रस्तावों के झांसे में आकर निजी जानकारी साझा न करें।

पुलिस ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता से तैयार नकली आवाज और वीडियो के जरिए होने वाली ठगी के प्रति भी सतर्क किया। किसी परिचित या रिश्तेदार के दुर्घटनाग्रस्त होने अथवा तत्काल रुपये मांगने का संदेश मिलने पर बिना पुष्टि किए पैसे न भेजें। संबंधित व्यक्ति से किसी दूसरे विश्वसनीय माध्यम से संपर्क कर जानकारी की पुष्टि अवश्य करें।

उप निरीक्षक ने बताया कि साइबर ठगी का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा आधिकारिक वेबसाइट cybercrime.gov.in के माध्यम से भी शिकायत की जा सकती है। समय पर शिकायत करने से ठगी गई धनराशि को रोकने या वापस प्राप्त करने की संभावना बढ़ सकती है।

बहादराबाद पुलिस ने आमजन से स्वयं जागरूक रहने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की। रामलीला जैसे लोकप्रिय सांस्कृतिक मंच के माध्यम से धार्मिक प्रसंगों के साथ साइबर सुरक्षा का संदेश देने की इस पहल की रामलीला समिति और उपस्थित दर्शकों ने सराहना की।

देवभूमि खबर

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