उत्तराखंड सचिवालय समीक्षा अधिकारी संघ के पदाधिकारियों ने वेतन विसंगति समिति के समक्ष रखा अपना पक्ष
देहरादून।उत्तराखंड सचिवालय समीक्षा अधिकारी संघ के पदाधिकारियों ने आज वेतन विसंगति समिति को कार्मिको के ज्वलन्त मुद्दों के सम्बन्ध में प्रभावी तरीक़े से अपना पक्ष रखते हुए प्रस्तुतिकरण किया।
जिसमे राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली एनपीएस से आच्छादित कार्मिकों की पूर्व राजकीय सेवा को वर्तमान राजकीय सेवा में सेवानिवृत्त लाभ (पूर्व सेवा के उपार्जित अवकाश एव सेवानिवृत्त उपदान एव मुत्यु उपदान) हेतु जोडे जाने, उत्तराखंड सचिवालय में कार्यरत समीक्षा अधिकारी पदधारको को 05 वर्ष की संतोषजनक सेवा पूर्ण करने पर वेतनमान 56100-1775000(लेवल-10) मे नान फ़ॉक्सनल के रूप में अनुमन्य अथवा समीक्षा अधिकारी के पद पर पांच साल की सेवा के उपरान्त उच्चीकृत करते हुए पदनाम अपर सहायक अनुभाग अधिकारी, राजपत्रित प्रतिषठा प्रदान, शिथिलीकरण नियमावली 2010 को बहाल किए जाने स्वैच्छिक परिवार कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत सरकारी कर्मचारियों को अतिरिक्त प्रोत्साहन भत्ता, यथावत रखे जाने, हेतु दिनाक 15 फरवरी 2019 की शर्त कार्यलया ज्ञाप जारी होने के पश्चात उक्त भत्ता अब स्वीकृत नही होगा को विलोपित करते हुए पूर्व की भाति यथावत रखा जाय, सरकारी सेवा मे कार्यरत पति एव पत्नी को किराए के मकान/ अपने आवास में रहने पर दोनों को मकान किराया भत्ता, अनुमन्य, वर्तमान समय में महगाई भत्ता 28 % होने के कारण वित्त विभाग के संकल्प दिनांक 14 जनवरी 2016 द्वारा केंद्रीय वेतन आयोग की स्तुतियों के क्रम में प्रदेश के विभिन्न वर्गों के कर्मचारियों के लिए गठित वेतन समिति द्वारा की गयी संस्तुति अनुसार भविष्य में महंगाई भत्ते की दर 25% से अधिक हो जाने पर मकान किराया भते की दरें श्रेणी बी टू श्रेणी सी एवं अवर्गीकृत श्रेणी हेतु क्रमशः 13 प्रतिशत 11 प्रतिशत एव 9% किया जाय।
समीक्षा अधिकारी संघ के अध्यक्ष जीतमणी पैन्यूली, एव उपाध्यक्ष राजेन्द्र रतूडी ने कहा कि वेतन विसंगति समिति को तत्काल इस तरह के सवेंदनशील प्रकरणों की संस्तुति शासन को उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक सप्ताह बाद पुनः इस सम्बंध मे समीक्षा की जायेगीम समिति द्वारा सकारात्मक संस्तुति नही किये जाने के उपरांत धरना प्रदर्शन एव मुख्यमंत्री से मिलकर वेतन विसंगति को भंग किये जाने की कार्यवाही की जायेगी।

