धामी कैबिनेट के 13 बड़े फैसले, गौवंश नस्ल सुधार, चारधाम घोड़ा-खच्चर बीमा और उत्तराखंड को पूर्ण साक्षर राज्य घोषित करने को मंजूरी

देहरादून। मुख्यमंत्री मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में राज्यहित से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने पशुपालन, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य, कारागार प्रशासन और राज्य आंदोलनकारियों से संबंधित कुल 13 अहम फैसलों पर मुहर लगाई।
कैबिनेट ने प्रदेश में गौवंशीय पशुओं की नस्ल सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए भ्रूण प्रत्यारोपण आधारित पायलट परियोजना को स्वीकृति प्रदान की। इस योजना के माध्यम से उच्च आनुवंशिकी वाले शुद्ध नस्ल के पशुओं का उत्पादन किया जाएगा।
चारधाम यात्रा मार्गों पर संचालित घोड़ा-खच्चरों के मालिकों को राहत देते हुए सरकार ने उनके बीमा प्रीमियम का 20 प्रतिशत हिस्सा स्वयं वहन करने का निर्णय लिया है। वर्ष 2026 की यात्रा के दौरान लगभग 15 हजार पंजीकृत अश्ववंशीय पशुओं को इस योजना का लाभ मिलेगा।
उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण से संबंधित तीन भर्ती परीक्षाओं में दस्तावेज सत्यापन के दौरान एक बार प्रमाण-पत्र प्रस्तुत करने की विशेष अनुमति देने का भी निर्णय लिया गया है।
लोक निर्माण विभाग के बिटुमिनस कार्यों में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण बढ़ी लागत को देखते हुए 1 मई से 30 जून 2026 तक मूल्य समायोजन (प्राइस एडजस्टमेंट) लागू करने को मंजूरी दी गई है।
आबकारी नीति में तकनीकी संशोधन, सगंध पौधा केंद्र सेलाकुई में अत्याधुनिक एएमएस मशीन संचालन के लिए पांच विशेषज्ञ पदों के सृजन तथा अंतरराष्ट्रीय हिमालयन कार रैली के आयोजन हेतु संस्था का चयन एकल स्रोत से करने के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी गई।
कैबिनेट ने उपनल कर्मियों को “समान कार्य के लिए समान वेतन” संबंधी लाभ प्रदान करने हेतु पात्रता की कट-ऑफ तिथि को संशोधित कर 15 अक्टूबर 2024 निर्धारित करने पर सहमति दी है।
इसके अलावा उत्तराखंड कारागार (संशोधन) नियमावली-2026, उत्तराखंड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली-2026 तथा उत्तराखंड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली-2026 को भी मंजूरी प्रदान की गई।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप साक्षरता मानकों के आधार पर उत्तराखंड को पूर्णतः साक्षर राज्य (Fully Literate State) घोषित किए जाने के प्रस्ताव पर भी कैबिनेट ने सहमति व्यक्त की।
स्वास्थ्य क्षेत्र में राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना (गोल्डन कार्ड) के अंतर्गत विभिन्न अस्पतालों के लंबित भुगतान के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है।
बैठक में वर्षों से लंबित किशाऊ बहुउद्देशीय बांध परियोजना पर संबंधित राज्यों के बीच सहमति बनने पर कैबिनेट ने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में पशुपालन, शिक्षा, पर्यटन, स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक सुधारों को नई गति देने वाला महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

