500 वर्षों से अधिक पुरानी हिलजात्रा पिथौरागढ़ की सांस्कृतिक पहचान: मुख्यमंत्री धामी

देहरादून/पिथौरागढ़। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शासकीय आवास से पिथौरागढ़ में आयोजित ऐतिहासिक हिलजात्रा महोत्सव को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों और विशेष रूप से पिथौरागढ़ की जनता को हिलजात्रा पर्व की शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने ग्राम जाखनी स्थित बाबा गंगनाथ मंदिर के सौंदर्यीकरण की घोषणा भी की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिलजात्रा उत्तराखंड की समृद्ध लोक परंपराओं, आस्था और सांस्कृतिक विरासत का महत्वपूर्ण पर्व है। सातू-आठू पर्व से जुड़ी यह परंपरा क्षेत्र की धार्मिक और सांस्कृतिक चेतना को दर्शाती है। उन्होंने कामना की कि हिलजात्रा सभी के जीवन में सुख, समृद्धि और शांति लेकर आए।
उन्होंने कहा कि 500 वर्षों से अधिक समय से मनाया जा रहा हिलजात्रा पर्व पिथौरागढ़ की समृद्ध संस्कृति और परंपराओं की विशिष्ट पहचान बन चुका है। सोरघाटी की यह ऐतिहासिक परंपरा आस्था और विश्वास के साथ-साथ पहाड़ी जीवन के संघर्ष, साधना तथा कृषि-पशुपालन आधारित ग्रामीण जीवन की विशिष्टताओं को भी अभिव्यक्त करती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पर्व नई पीढ़ी को अपने पूर्वजों की महान परंपराओं, आदर्शों और वीरता से परिचित कराने के साथ ही अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि भगवान शिव के गण लखिया भूत का आगमन हिलजात्रा में सुख, समृद्धि और खुशहाली का प्रतीक माना जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में उत्तराखंड विकास, विरासत और विश्वास के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। राज्य सरकार देवभूमि उत्तराखंड को विश्व की आध्यात्मिक राजधानी के रूप में स्थापित करने के संकल्प के साथ कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि केदारखंड की तर्ज पर मानसखंड के पौराणिक मंदिरों के पुनरुत्थान, संरक्षण और सौंदर्यीकरण के कार्य तेजी से किए जा रहे हैं। इसके साथ ही हरिद्वार-ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर, हरिपुर यमुना कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर, विवेकानंद कॉरिडोर और शारदा कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं के माध्यम से प्रदेश की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नया स्वरूप दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड के पारंपरिक पर्व, मेले और त्योहार अपनी मूल पहचान और सांस्कृतिक स्वरूप के साथ आने वाली पीढ़ियों तक सुरक्षित रहें। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक विरासत के महत्व को समझने और इसे भव्य स्वरूप प्रदान करने के सरकार के ‘विकल्प रहित संकल्प’ को सिद्धि तक पहुंचाने में योगदान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में विधायक बिशन सिंह चुफाल सहित अन्य जनप्रतिनिधि, जिलाधिकारी, जनपद स्तरीय अधिकारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।
