जल जनित रोग हमारे और समाज के लिए चुनौतीपूर्ण विषय है:एस.के. झा

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रूद्रप्रयाग जल जनित रोग हमारे और समाज के लिए चुनौतीपूर्ण विषय है इसलिए हमें इस बीमारी से बचाव का संकल्प लेना होगा ताकि स्वच्छता के साथ-साथ स्वस्थ भी रह सके। जो हम निम्न विभिन्न विधियों से अपने आपको और समाज में ऐसे जल जनित रोग/संक्रामक से फैलने वाली बीमारी की रोकथाम कर सकें।
मुख्य चिकित्साधिकारी एस0के0झा ने बताया कि जल जनित रोग/संक्रामक से फैलने के वाली बीमारी की रोकथाम के लिए 20 लीटर पानी में 01 क्लोरीन पीसकर डालें, 02 घण्टे उपरान्त ही इस्तेमाल करे। क्लोरीन की गोली सरकारी स्वास्थ्य केन्द्र/सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र/जिला चिकित्सालय में निःषुल्क उपलब्ध है। उन्होने बताया कि पानी को उबालकर ही इस्तेमाल करे, सप्ताह में एक बार घर की टंकी को जरूर साफ करे, खाना खाने से पहले शौचालय करने के बाद एवं खाना बनाने से पहले अपने हाथ को साबुन से नियमित रूप से धोये, पानी के बर्तन को हमेषा साफ रखे और ढककर रखे तथा जमीन के ऊपर रखे, सब्जियों को अच्छी तरह से धोये, समय पर नियमित स्नान करना, नियमित दांत साफ करना, घर के आस-पास रूके हुए पानी को हटा दे तथा घर के कूडे-करकट को कूडेदान में इक्ट्ठा कर निस्तारण करें।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि जल जनित रोग/संक्रामक से फैलने के लिए क्या न करे। घर का गन्दा पानी सड़क पर इक्ट्ठा न होने दे, बच्चों को घर के बाहर खुले में व नालियों में शौच न करने दे, खुले में शौच न करे, तालाब, नदी, नहर व प्राकृतिक स्रोत का पानी न पीयें तथा पानी निकालते समय बर्तन में हाथ न डूबाये, पानी निकालने के लिए डण्डी वाले लोटे का ही प्रयोग करे।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि डेंगू कैसे करें पहचान/ डेंगू के लक्षण अकस्मात तेज सिर दर्द व बुखार का होना मांसपेषियों तथा जोड़ों में दर्द होना, आँखों के पीछे दर्द होना, जो कि आँखों को घुमाने से बढ़ता है, जी मिचलाना एवं उल्टी होना तथा शरीर पर लाल चकते आना, गम्भीर मामलों में नाक, मुँह, मसूड़ों से खून आना। उन्होने कहा कि डेंगू से कैसे रहे सावधान/कैसे बचें के लिए मच्छरों को पनपने न दें तथा स्वयं को मच्छरों के काटने से बचायें।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि मच्छरों को पनपने न देने के लिए उपाय घर और उसके आस-पास पानी एकत्रित न होने दें, क्योंकि रूके हुए पानी में ही मच्छर पैदा होते हैं।कूलर, फूलदान, रेफ्रिजरेटर की ट्रे आदि का पानी सप्ताह में एक बार पूरी तरह खाली करें तथा सुखाकर ही दोबारा भरें। टुटे हुए बर्तन, बेकार टूटी-फूटी बोतलों, टायरों, डिब्बों, नारियल के खोल, गमले आदि में पानी एकत्रित न होने दें। पानी की टंकी को ढककर रखें ताकि मच्छर उसमें प्रवेष न कर पाये।घर व घर के आस-पास के क्षेत्र में सफाई रखें।यदि आस-पास भरे पानी को हटाना आसान न हो तो उसमें कैरोसिन (मिट्टी का तेल) या पैट्रोल डालें। गड्ढों को मिट्टी से भर दें और रूकी हुई नालियों को साफ कर दें।
मुख्य चिकित्साधिकारी ने बताया कि स्वयं को मच्छरों के काटने से बचाने के लिए उपाय घर की खिड़कियों व दरवाजों पर महीन जाली लगवाकर मच्छरों को घर में आने से रोकें। पूरी बाँहों वाले कपड़े/ऐसे कपड़े जिसे शरीर का अधिक से अधिक भाग ढका रहें, पहने, मच्छरों को भगाने व मारने के लिए मच्छर नाषक क्रीम, स्प्रे, काईल्स आदि का प्रयोग करें। मच्छर दानी लगाकर सोयें।
उन्होेने बताया कि डेंगू के उपचार के लिए कोई खास दवा या वैक्सीन नहीं है। एसप्रिन व ब्रूफेन न खायें और नजदीकी स्वास्थ्य केन्द्र में जाकर उपचार हेतु डाँक्टर की सलाह लें।

देवभूमि खबर

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