मुख्यमंत्री धामी ने खटीमा गोलीकांड शहीदों को दी श्रद्धांजलि, राज्य आंदोलनकारियों के सपनों का उत्तराखंड बनाने का संकल्प
देहरादून मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को खटीमा स्थित शहीद स्थल पर शहीदों की मूर्तियों पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने खटीमा गोलीकांड में शहीद हुए आंदोलनकारियों के परिजनों को शॉल भेंटकर सम्मानित किया और उनके बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुरूप उत्तराखंड को विकसित करना उनकी सरकार का प्राथमिक लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में खटीमा गोलीकांड की 30वीं बरसी पर उन वीर सपूतों को याद किया जिन्होंने राज्य के पृथक अस्तित्व के लिए अपना जीवन न्यौछावर किया। उन्होंने कहा, “हमारे बेहतर भविष्य के लिए इन महान आत्माओं ने अपना वर्तमान और भविष्य दोनों कुर्बान किया है। उत्तराखंड की जनता इन वीरों की सदैव ऋणी रहेगी।” मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि वे स्वयं एक आंदोलनकारी रहे हैं, इसलिए वे आंदोलनकारियों और उनके परिवारों की पीड़ा को भली-भांति समझते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य आंदोलनकारियों के आदर्शों और सपनों को साकार करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने राज्य में लागू किए गए सख्त नकल विरोधी कानून का उल्लेख करते हुए कहा कि अब युवाओं की योग्यता, प्रतिभा और क्षमता को कोई भी बाधा नहीं रोक सकेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास को अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए उनकी सरकार प्रतिबद्ध है और वे प्रदेश के हर क्षेत्र में सुधार और विकास के लिए काम कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उनकी सरकार ने राज्य आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों के लिए 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू किया है। इसके साथ ही, महिलाओं के लिए 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण और शहीद आंदोलनकारियों के परिवारों को प्रतिमाह 3000 रुपये पेंशन देने जैसी योजनाओं का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य आंदोलनकारियों के अधिकतम दो बच्चों को स्कूलों और कॉलेजों में निशुल्क शिक्षा, सरकारी बसों में निशुल्क यात्रा, और उनके आश्रितों को पेंशन की सुविधा भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री ने खटीमा गोलीकांड के शहीदों का स्मरण करते हुए कहा, “1 सितंबर, 1994 को हुए खटीमा गोलीकांड का दर्द हम कभी नहीं भूल सकते। वे सभी उत्तराखंड का विकास और उत्थान चाहते थे। उनके बलिदान और त्याग को सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि हम सभी मिलकर उनके सपनों का उत्तराखंड बनाएं।”
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में नई कार्य संस्कृति विकसित हुई है और विकास के नए आयाम स्थापित हुए हैं। उन्होंने घोषणा की कि ऊधमसिंह नगर के खुरपिया में एक इंडस्ट्रियल स्मार्ट सिटी स्थापित की जाएगी, जिससे क्षेत्र में रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। साथ ही, मुख्यमंत्री ने पिछले तीन वर्षों में 16 हजार से अधिक युवाओं को नौकरियां देने और आपदा प्रभावितों के लिए 25 करोड़ की धनराशि जारी करने जैसे कार्यों का उल्लेख किया।
कार्यक्रम में सांसद अजय भट्ट ने भी शहीदों और आंदोलनकारियों को नमन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और उत्तराखंड सरकार को 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण लागू करने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि शहीद आंदोलनकारी केवल किसी परिवार की धरोहर नहीं हैं, बल्कि वे राज्य और देश की अनमोल धरोहर हैं।
इस अवसर पर विधायक गोपाल सिंह राणा, शिव अरोड़ा, भुवन कापड़ी, भाजपा जिलाध्यक्ष कमल जिन्दल, उत्तराखंड मंडी अध्यक्ष अनिल कपूर डब्बू, दर्जा मंत्री उत्तम दत्ता, पूर्व सांसद महेंद्र सिंह पाल, मण्डी अध्यक्ष नन्दन सिंह खड़ायत, और कई अन्य गणमान्य व्यक्ति एवं स्थानीय जनता उपस्थित थे।

