उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच ने खटीमा गोलीकांड के शहीदों को दी श्रद्धांजलि, की स्थाई राजधानी गैरसैंण की मांग
देहरादून। उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा रविवार को खटीमा गोलीकांड के शहीदों की बरसी पर शहीद स्मारक में श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर शहीदों को स्मरण कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए गए। सभा का संचालन पूरण सिंह लिंगवाल और अध्यक्षता वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी व पूर्व राज्य मंत्री विवेकानन्द खंडूड़ी ने की।
सभा में वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी रवीन्द्र जुगरान और जगमोहन सिंह नेगी ने शहीदों के प्रति सम्मान प्रकट करते हुए कहा कि वे शहीदों को न्याय दिलाने और उनके सपनों के अनुरूप राज्य के विकास के लिए निरंतर संघर्षरत रहेंगे। उन्होंने सरकार से सशक्त भू कानून और मूलनिवास नीति लागू करने और गैरसैंण को स्थाई राजधानी घोषित करने की मांग की।
राज्य आंदोलनकारी मंच के प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती, सुलोचना भट्ट, और पुष्पलता सिलमाणा ने खटीमा गोलीकांड की 30वीं बरसी पर शहीदों की याद में कहा कि आज भी उस घटना की पीड़ा और आंदोलन की यादें ताजा हैं। उन्होंने सरकार से आग्रह किया कि शहीदों के सपनों के अनुरूप राज्य में सशक्त भू कानून और मूलनिवास नीति को लागू किया जाए।
इस अवसर पर जनकवि अतुल शर्मा ने अपने जनगीतों के माध्यम से आंदोलनकारियों की भावना को व्यक्त किया। उन्होंने अपने गीत “ये सन्नाटा तोड़ के आ, सारे बंधन छोड़ के आ” के माध्यम से सभा में जोश भरा। कोषाध्यक्ष जयदीप सकलानी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि क्षैतिज आरक्षण को लागू हुए 11 साल बीत चुके हैं, लेकिन अभी भी शहीदों के परिवारों को न्याय नहीं मिला है। उन्होंने चंदन सिंह नेगी का जनगीत गाकर सभा का समापन किया।
श्रद्धांजलि सभा में विवेकानन्द खंडूड़ी, जगमोहन सिंह नेगी, रवीन्द्र जुगरान, जनकवि डॉ. अतुल शर्मा, केशव उनियाल, रामलाल खंडूड़ी, प्रदीप कुकरेती, जयदीप सकलानी, संजय बलूनी, मोहन खत्री, ललित जोशी, धर्मपाल सिंह रावत, गौरव खंडूड़ी, जबर सिंह पावेल, मोहन सिंह रावत, और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भाग लिया।
सभा में उपस्थित लोगों ने खटीमा गोलीकांड और आंदोलन के दौरान महिलाओं की भूमिका का भी स्मरण किया। कवयित्री रंजना शर्मा और रेखा शर्मा ने अपने काव्य से शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। सभा में सभी ने मिलकर राज्य के विकास और शहीदों के सपनों के उत्तराखंड के निर्माण के लिए प्रतिबद्धता जताई।

