विदेश में नौकरी के नाम पर युवकों की स्कैमिंग, थाईलैंड में बंधक बनाकर बेचे गए युवकों को पुलिस ने छुड़ाया, एक आरोपी गिरफ्तार
चम्पावत। विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर उत्तराखंड के युवकों को स्कैमिंग का काम कराने के लिए थाईलैंड में बेचे जाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक आरोपी को गुजरात से गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दूसरा आरोपी फरार है और उसकी तलाश की जा रही है। भारतीय दूतावास के सहयोग से बंधक बनाए गए सभी युवकों को सुरक्षित वापस लाया गया है।
मामला चम्पावत के बनबसा क्षेत्र का है। 10 जुलाई को राजेंद्र सिंह, निवासी ग्राम गुदमी भैसाझाला, बनबसा, चम्पावत ने थाने में तहरीर दी थी कि उनका बेटा ललित सोन अपने दोस्तों विकास, कमलेश और खटीमा के तीन अन्य युवकों के साथ रोजगार की तलाश में दिल्ली गया था, जिसके बाद वे बैंकाक चले गए। तब से उनका कोई संपर्क नहीं हो पा रहा था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की जांच में सामने आया कि राहुल उपाध्याय ने अपने दोस्त जयदीप रामजी टोकड़िया (उर्फ जय जोशी) के साथ मिलकर उत्तराखंड के 7 युवकों और अन्य राज्यों के बेरोजगार युवकों को विदेश में अच्छी नौकरी का झांसा देकर थाईलैंड बुलाया। वहां इन युवकों को विदेशी कंपनियों को 10,000 थाई भाट प्रति व्यक्ति के हिसाब से बेच दिया गया। इन कंपनियों ने युवकों को म्यांमार के एक गुप्त स्थान पर ले जाकर उनसे स्कैमिंग का काम कराया और विरोध करने पर उनके साथ मारपीट और दुर्व्यवहार किया।
पुलिस ने भारतीय दूतावास के माध्यम से इन युवकों की सकुशल वापसी की प्रक्रिया शुरू की। जांच के बाद आरोपी जयदीप रामजी टोकड़िया का गुजरात के पोरबंदर में ठिकाना पता चला, जहां से उसे 13 सितंबर को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि उसने राहुल उपाध्याय के साथ मिलकर बनबसा और खटीमा के युवकों को बैकॉक बुलाकर बेचा था।
दूसरा आरोपी राहुल उपाध्याय फिलहाल दुबई भाग चुका है, और उसकी गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस ने भारतीय दूतावास के सहयोग से सभी बंधक बनाए गए युवकों को सकुशल भारत वापस लाकर उनके घर पहुंचाया है।

