कायाकल्प का अरमान, जादुंग की होगी अलग पहचान

कायाकल्प का अरमान, जादुंग की होगी अलग पहचान
Spread the love

देहरादून।उत्तरकाशी के सीमांत जादुंग गांव के कायाकल्प के प्रयास तेज हो गए हैं। भारत-चीन युद्ध (1962) के बाद वीरान पड़े इस गांव को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार लगातार काम कर रही है। शीतकाल के कारण रुके हुए निर्माण कार्य दो महीने बाद फिर से शुरू करने की तैयारी है, ताकि इस साल गांव में बदलाव की तस्वीर नजर आ सके।

गढ़वाल मंडल विकास निगम (जीएमवीएन) को जादुंग के पुनर्विकास की जिम्मेदारी दी गई है। इसके तहत छह जीर्ण-शीर्ण घरों के पुनर्निर्माण का कार्य 19 सितंबर 2024 से शुरू हुआ था, जिसमें से चार घरों का पुनर्निर्माण लगभग पूरा हो गया है। इस कार्य के लिए 365.33 लाख रुपये की धनराशि स्वीकृत की गई थी, जिसमें से 146 लाख रुपये शासन स्तर पर अवमुक्त हो चुके हैं। इसके अलावा आठ अन्य भवनों के पुनर्निर्माण के लिए 493.36 लाख रुपये का प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिसे जल्द ही मंजूरी मिलने की उम्मीद है।

गांव में 997.31 लाख रुपये की लागत से उत्सव मैदान बनाया जाएगा, जिससे इस क्षेत्र की रौनक लौटने की उम्मीद है। इसके अलावा, भेरोंघाटी-जादुंग मोटर मार्ग पर हिंडोलीगाड़ में कारवां पार्क के विकास के लिए 999.89 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है।

प्रवेश द्वार और चेक पोस्ट का निर्माण अप्रैल 2025 से शुरू होगा, जिसके लिए 91.38 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। गर्तांग गली के पास हवा बैंड में व्यू प्वाइंट के लिए 50.43 लाख रुपये, और श्रीकांठा व्यू प्वाइंट के लिए 66 लाख रुपये मंजूर किए गए हैं। इन दोनों ही परियोजनाओं की टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और अप्रैल-मई से काम शुरू हो जाएगा।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों के विकास को लेकर गंभीर है। जादुंग को पर्यटन ग्राम के रूप में विकसित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है, ताकि यह पर्यटन के मानचित्र पर प्रभावी रूप से उभर सके।

देवभूमि खबर

Related articles