देहरादून में हाई-प्रोफाइल ड्रग्स तस्करी का भंडाफोड़, 3 तस्कर गिरफ्तार
देहरादून। “ड्रग्स फ्री देवभूमि 2025” अभियान के तहत एसएसपी देहरादून के निर्देशों पर पुलिस ने राजपुर थाना क्षेत्र में 3 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया। आरोपियों के पास से 20 ग्राम कोकीन और 7 एलएसडी ब्लॉट्स बरामद किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर ड्रग्स तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा रही है। मुख्य सरगना शिवम गुप्ता उर्फ साहिल उर्फ मोहित उर्फ लकी लंबे समय से पश्चिमी उत्तर प्रदेश से नशे की तस्करी कर रहा है और बार-बार अपना नाम बदलकर पुलिस से बचने का प्रयास कर रहा है।
एसएसपी ने कहा कि देहरादून पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा और ड्रग्स माफियाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने जनता से अपील की कि यदि किसी को नशे के अवैध कारोबार से जुड़ी कोई जानकारी मिले तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। पुलिस द्वारा शहर में ड्रग्स सप्लाई करने वाले अन्य नेटवर्क की जांच तेज कर दी गई है।
राजपुर पुलिस ने त्योहारों के मद्देनजर होटलों, रेस्तरां, वाहनों और संदिग्ध व्यक्तियों की चेकिंग के दौरान काठ बंगला पुल के पास एक स्कूटी सवार को रोका। तलाशी लेने पर अभियुक्त कुशाग्र गुप्ता के पास से अवैध कोकीन और एलएसडी मिली। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने विशाल क्षेत्री और मिथिलेश श्रीवास्तव को भी गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में कुशाग्र गुप्ता ने बताया कि वह देहरादून में कैफे चलाता है और नशे के कारोबार में लिप्त है। वह शिवम गुप्ता नामक व्यक्ति से ड्रग्स खरीदकर शिक्षण संस्थानों और युवाओं को सप्लाई करता था। विशाल क्षेत्री और मिथिलेश श्रीवास्तव ने बताया कि वे शिवम गुप्ता उर्फ साहिल उर्फ मोहित उर्फ लकी के लिए काम करते हैं, जो पश्चिमी उत्तर प्रदेश से ड्रग्स की तस्करी करता है।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पते
- कुशाग्र गुप्ता उर्फ कुश (27 वर्ष) – शक्ति विहार, पटेल नगर, देहरादून
- विशाल क्षेत्री (21 वर्ष) – हरिद्वार बायपास रोड, देहरादून
- मिथिलेश श्रीवास्तव (19 वर्ष) – मदनी कॉलोनी, हरिद्वार बायपास रोड, देहरादून
बरामद सामान
20 ग्राम अवैध कोकीन
07 एलएसडी ब्लॉट्स
इलेक्ट्रॉनिक तराजू
एक्टिवा स्कूटी (UK-07-FY-6683)
गिरफ्तारी में थानाध्यक्ष राजपुर पी. डी. भट्ट के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अहम भूमिका निभाई। अभियान में उ.नि. विजेंद्र कुमाई, दीपक द्विवेदी, नरेंद्र कोटियाल, अर्जुन गोसाई, बलबीर सिंह, कांस्टेबल सुशील, अंकुल और अमित भट्ट शामिल रहे।

