राजस्थान में अशोक गहलोत और वसुंधरा राजे की प्रतिष्ठा लगी दांव
जयपुर।एजेंसी।राजस्थान में लोकसभा चुनाव के पहले चरण में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे, दो केंद्रीय मंत्रियों सहित सात सांसदों की प्रतिष्ठा दांव पर लगी है।
पहले चरण की 13 सीटों पर आज शाम छह बजे चुनाव प्रचार का शोर थमने के साथ ही राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई , इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह सहित कई नेताओं ने जनसभायें करके चुनावी माहौल गरमाने का प्रयास किया है। गांधी का राफेल विमान में भ्रष्टाचार का मामला कमजोर पड़ता दिखाई दिया, जबकि किसान, आदिवासी और गरीबों के लिये हर महीने छह हजार रुपये की पेशकश पर ज्यादा जोर रहा। भाजपा का पूरा चुनाव प्रचार श्री मोदी पर केंद्रित रहा, उम्मीदवार एवं स्थानीय मुद्दों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया।
इन 13 सीटों में सबसे ज्यादा चर्चित जोधपुर एवं झालावाड़ की सीटें हैं, जहां मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के पुत्र वैभव तथा पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के पुत्र दुष्यंत सिंह चुनाव लड़ रहे हैं। सिंह के चौथी बार लोकसभा चुनाव मैदान में उतरने के कारण इस बार श्रीमती राजे वंशवाद के निशाने पर नहीं आई, लेकिन वैभव गहलोत का यह पहला चुनाव होने से उनके पिता अशोक गहलोत पर वंशवाद और प्रतिष्ठा को दांव पर लगाने के तीखे आरोप लगाये जा रहे हैं।

