खुदरा व्यापारियों के हित में फेडरेशन की बड़ी पहल, केंद्रीय मंत्रियों से की अहम मांगें

खुदरा व्यापारियों के हित में फेडरेशन की बड़ी पहल, केंद्रीय मंत्रियों से की अहम मांगें
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नई दिल्ली। खुदरा व्यापारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री श्री पीयूष गोयल और कानून एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल से मुलाकात कर व्यापारियों की समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। फेडरेशन के राष्ट्रीय प्रवक्ता एवं कोषाध्यक्ष श्री राजेश्वर प्रसाद पैन्यूली ने बताया कि यह प्रतिनिधिमंडल फेडरेशन के राष्ट्रीय प्रेसीडेंट श्री सुशील पोद्दार और राष्ट्रीय महासचिव श्री आर.के. गौड़ के नेतृत्व में गया था।

बैठक के दौरान ई-कॉमर्स और ऑनलाइन कारोबार से उत्पन्न हो रही चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया गया। यह तय किया गया कि कोई भी ऑनलाइन कंपनी या बड़ा कॉर्पोरेट घराना अपना कारोबार एकाएक बंद नहीं कर सकेगा, और अगर बंद करना पड़े तो कम से कम तीन महीने पहले खुदरा व्यापारियों को इसकी सूचना देनी होगी ताकि वे अपने उपभोक्ताओं के हित में आवश्यक व्यवस्थाएं कर सकें। इसके अतिरिक्त खुदरा व्यापारियों को कर्मचारी राज्य बीमा योजना (ESI) के तहत शामिल करने की भी मांग की गई, जिससे उन्हें न्यूनतम शुल्क पर स्वास्थ्य बीमा और चिकित्सा सुविधाएं मिल सकें।

फेडरेशन ने यह भी सुझाव दिया कि ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ONDC) और गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) जैसे डिजिटल मंच खुदरा व्यापारियों को एक वर्ष तक तकनीकी और कारोबारी सहयोग दें ताकि वे तेजी से बढ़ रहे ऑनलाइन बाजार में अपने व्यापार को बनाए रख सकें। GeM ने आश्वस्त किया कि वह इस दिशा में पायलट प्रोजेक्ट जल्द ही शुरू करेगा।

बैठक में यह भी चर्चा हुई कि कारोबारी अनुबंधों की शर्तें डीलरों के हित में लचीली होनी चाहिए। फेडरेशन ने अनुबंधों की अवधि, नवीनीकरण प्रक्रिया, निवेश पर रिटर्न, क्षतिपूर्ति के प्रावधान और निर्णय की स्वतंत्रता जैसे विषयों पर सुधार की मांग की। इसके साथ ही ई-कॉमर्स और क्विक कॉमर्स कंपनियों को विलासिता कर के दायरे में लाने, मूल्य निर्धारण में पारदर्शिता और ऑफलाइन व्यापार के साथ एकरूपता सुनिश्चित करने की सिफारिश भी की गई।

डेटा सुरक्षा, उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा, और ऑनलाइन क्रेता-विक्रेता के बीच विश्वास बहाली जैसे विषयों पर भी विस्तार से विचार हुआ। फेडरेशन ने मांग की कि ऑनलाइन प्लेटफार्मों की विश्वसनीय पहचान सुनिश्चित हो और डीलरों एवं वितरकों को दी जाने वाली कमीशन राशि व बिक्री मूल्य तय करने में सरकार का हस्तक्षेप आवश्यक हो।

बैठक के दौरान कानून मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 138 के तहत चेक बाउंस मामलों में तेजी से निपटारे और मध्यस्थता समिति के अधिकार क्षेत्र को पुनर्परिभाषित करने पर विशेष चर्चा हुई। दोनों मंत्रियों ने सुझावों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्यवाही का भरोसा दिलाया।

इस महत्वपूर्ण बैठक में फेडरेशन के अन्य पदाधिकारी—श्री भूपेन्द्र सिंह सोबती (राष्ट्रीय उप-महासचिव), श्री सी एच कृष्णा (वाइस चेयरमैन), श्री जितेंद्र भाई (वाइस प्रेसीडेंट), श्री सतीश, उत्तराखंड के प्रेसीडेंट श्री पंकज मैसोन और चेन्नई से श्री विनोद नैयर भी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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