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मुख्यमंत्री ने किया ₹58.32 करोड़ की लागत से ग्राम्य विकास भवन का शिलान्यास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम

मुख्यमंत्री ने किया ₹58.32 करोड़ की लागत से ग्राम्य विकास भवन का शिलान्यास, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम
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देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को डांडा नूरीवाला, सहस्रधारा रोड स्थित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए ₹58.32 करोड़ की लागत से बनने वाले ग्राम्य विकास भवन का शिलान्यास किया। इस अवसर पर उन्होंने परिसर में पौधारोपण भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एकीकृत ग्राम्य विकास भवन राज्य में ग्रामीण विकास की योजनाओं के क्रियान्वयन और निगरानी में एक महत्वपूर्ण केंद्र के रूप में कार्य करेगा। भवन में विभाग की प्रमुख फ्लैगशिप योजनाएं एक ही छत के नीचे संचालित होंगी, जिससे कार्यक्षमता में वृद्धि होगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार द्वारा ‘एक जनपद, दो उत्पाद’ योजना के माध्यम से स्थानीय आजीविका को बढ़ावा दिया जा रहा है। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड के तहत राज्य के पारंपरिक उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के प्रयास किए जा रहे हैं। वर्ष 2027 तक राज्य में 25 करोड़ रुपये के कारोबार का लक्ष्य रखा गया है।

मुख्यमंत्री ने स्टेट मिलेट मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, नई पर्यटन व फिल्म नीति, होम स्टे, वेड इन उत्तराखंड, सौर स्वरोजगार योजना और लखपति दीदी योजना सहित कई योजनाओं का उल्लेख करते हुए बताया कि इन पहलों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिल रही है। उन्होंने कहा कि अब तक 1.65 लाख महिलाएं “लखपति दीदी” बन चुकी हैं और रूरल बिजनेस इनक्यूबेटर योजना के माध्यम से स्वरोजगार और ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा दिया गया है।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि योग की वैश्विक राजधानी के रूप में उत्तराखंड की पहचान को मजबूती देने के लिए देश की पहली योग नीति लागू की गई है। साथ ही, जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी जैसे गांवों को सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार भी मिला है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ग्रामीण भारत के उत्थान के लिए प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, मनरेगा, प्रधानमंत्री आवास योजना, स्वच्छ भारत मिशन जैसी योजनाएं सफलतापूर्वक संचालित हो रही हैं और उत्तराखंड सरकार भी इसी दिशा में rural economy को मजबूती दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के सारकोट गांव को गोद लिया था, जो अब एक आदर्श गांव बन चुका है। यहां के लोग पशुपालन, मशरूम उत्पादन, होम स्टे और मिलेट उत्पादन जैसे क्षेत्रों में अग्रसर हो रहे हैं। उन्होंने खुशी व्यक्त की कि सारकोट की 21 वर्षीय प्रियंका नेगी राज्य की सबसे युवा प्रधान चुनी गई हैं, जिन्हें वे शीघ्र ही आमंत्रित करेंगे।

कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी ने कहा कि मुख्यमंत्री की कार्यशैली ही ऐसी है कि जिन योजनाओं का शिलान्यास होता है, उनका लोकार्पण भी समयबद्ध ढंग से किया जाता है। उन्होंने बताया कि यह भवन पहाड़ी शैली में निर्मित किया जाएगा और इसमें सौर ऊर्जा की समुचित व्यवस्था भी होगी। साथ ही, दीनदयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना के तहत अब तक 30,678 लोगों को प्रशिक्षण दिया जा चुका है, जिनमें से 19,600 को रोजगार मिला है।

इस अवसर पर विधायक श्री उमेश शर्मा काऊ, सचिव श्रीमती राधिका झा, अपर सचिव श्री अभिषेक रोहेला, श्रीमती अनुराधा पाल, सुश्री झरना कमठान और ग्राम्य विकास विभाग के अनेक अधिकारी मौजूद रहे।

देवभूमि खबर

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