उद्यमिता विकास के लिए कौशल विकास की गतिविधियाँ नियमित रूप से जारी रहेंगी :कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल

उद्यमिता विकास के लिए कौशल विकास की गतिविधियाँ नियमित रूप से जारी रहेंगी :कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल
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देहरादून।दून विश्वविद्यालय के उद्यमिता प्रकोष्ठ (E-Cell) एवं स्कूल ऑफ डिज़ाइन के संयुक्त तत्वावधान में रचनात्मक शिक्षण कार्यशाला एवं स्टार्ट-अप आइडिएशन जैम का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. सुधांशु जोशी के स्वागत भाषण से हुआ, जिसमें उन्होंने निर्णायकगण प्रो. एच.सी. पुरोहित और श्रीमती कौअना खन्ना का स्वागत करते हुए प्रकोष्ठ की वर्षभर संचालित गतिविधियों की जानकारी भी साझा की।

कार्यक्रम के दौरान दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने अपने संदेश में इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय में नवाचार और उद्यमशीलता के सतत विकास के लिए कौशल विकास-आधारित गतिविधियाँ नियमित रूप से जारी रहेंगी। उन्होंने ई–प्रकोष्ठ द्वारा किए जा रहे प्रयासों को विश्वविद्यालय की प्रगतिशील सोच का महत्वपूर्ण आधार बताया। डॉ. सुधांशु जोशी ने विद्यार्थियों को विषय-विशेष प्रशिक्षण प्रदान करने की घोषणा की, वहीं प्रो. एच.सी. पुरोहित ने छात्रों की सक्रिय भागीदारी एवं उत्साह की सराहना की।

इसके उपरांत श्रीमती कौअना खन्ना द्वारा क्रिएटिव लर्निंग पर एक प्रेरक सत्र आयोजित किया गया, जिसमें विद्यार्थियों को समूहों में विभाजित कर प्रत्येक समूह से एक वास्तविक समस्या की पहचान और उसका प्रस्तुतीकरण करवाया गया। इस अभ्यास ने छात्रों में विश्लेषणात्मक क्षमता, रचनात्मक सोच और समूह सहयोग की भावना को और मजबूत किया।

इसके बाद इनोवेटर्स ओपन हाउस एवं स्टार्ट-अप आइडिएशन जैम का आयोजन हुआ, जिसमें छात्रों ने अपने अभिनव विचार प्रस्तुत किए। प्रेडिक्टर को ध्रुव प्रकाश मिश्रा, ओपस ज़ोन को यशवर्धन ढोबाल और कैक्टोपिया को गुड्डू कुमार ने प्रस्तुत किया। रचनात्मकता और वास्तविक उपयोगिता के आधार पर प्रेडिक्टर को प्रथम स्थान प्रदान किया गया। कार्यक्रम में पोस्टर प्रेज़ेंटेशन प्रतियोगिता भी आयोजित की गई, जिसमें त्रिलोक सुंदरी टीम (भावना, शिक्षा और कोमल) ने प्रथम स्थान प्राप्त किया।

समारोह का समापन पुरस्कार वितरण एवं धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ, जिसने दून विश्वविद्यालय में नवाचार, रचनात्मकता और उद्यमशील दृष्टिकोण को नई ऊर्जा और दिशा प्रदान की।

ई–सेल अब आगे भी उत्साह और नवाचार से भरपूर अनेक महत्वपूर्ण गतिविधियों की श्रृंखला प्रस्तुत करने जा रहा है। CIIEIR कार्यक्रम योजना के अनुसार, आगामी आयोजनों में डिज़ाइन थिंकिंग सत्र, ओपन हाउस, आइडिएशन जैम, स्थानीय स्टार्ट-अप संवाद, ग्रामीण नवाचार पहल, प्री-इन्क्यूबेशन एवं प्रोटोटाइप क्लीनिक, प्रेरक बूटकैम्प, आइडिया-टू-प्रोटोटाइप प्रशिक्षण, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर जागरूकता, एआई-आधारित नवाचार स्प्रिंट, इन्क्यूबेटर विज़िट, बिज़नेस मॉडल वर्कशॉप, क्रिएटिविटी एवं इनोवेशन सप्ताह, को-लैब गतिविधियाँ, वैलिडेशन मैराथन, आईपी दिवस कार्यक्रम, बिल्डाथॉन, फ़ाउंडर टॉक्स, सस्टेनेबिलिटी हैकाथॉन, इंडस्ट्री राउंडटेबल, एक्सपोज़र विज़िट, इन्वेस्टर पिच तैयारी, वेल-बीइंग इनोवेशन चुनौतियाँ, नेतृत्व बूटकैम्प, लीगल एवं आईपी क्लीनिक, समुदाय-आधारित आउटरीच, प्रोटोटाइप प्रदर्शनी, हैकाथॉन, एलुमनाइ कनेक्ट, स्टार्ट-अप एक्सपो, अंतर-विश्वविद्यालय नवाचार प्रतियोगिताएँ, शोध मेले, इंडस्ट्री प्रॉब्लम हंट, सामाजिक नवाचार कार्यक्रम, उद्यमिता कौशल विकास गतिविधियाँ, फायरसाइड चैट, कमर्शियलाइज़ेशन फ़ोरम, कोहोर्ट चयन, यूनिवर्सिटी स्टार्ट-अप लीग, विंटर स्टार्ट-अप स्कूल, वार्षिक नवाचार पुरस्कार, वर्षांत इनोवेशन शोकेस और आगामी वर्ष के लिए रणनीतिक योजना बैठकों जैसे अनेक प्रेरक आयोजन शामिल हैं, जो विश्वविद्यालय में उद्यमशीलता पारिस्थितिकी तंत्र को और सुदृढ़ करेंगे।

देवभूमि खबर

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