मुख्यमंत्री ने 215 उपनिरीक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले– अब असली परीक्षा शुरू होती है

मुख्यमंत्री ने 215 उपनिरीक्षकों को सौंपे नियुक्ति पत्र, बोले– अब असली परीक्षा शुरू होती है
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देहरादून। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने आज कैम्प कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में 215 नवनियुक्त उपनिरीक्षकों (SI) को नियुक्ति पत्र प्रदान किए। इनमें 104 उपनिरीक्षक, 88 गुल्मनायक (PAC) तथा 23 अग्निशमन द्वितीय अधिकारी शामिल हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कानून-व्यवस्था, जनसुरक्षा तथा आपदा प्रबंधन प्रणाली को सशक्त बनाने में पुलिस की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने नवनियुक्त उपनिरीक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि अब तक की परीक्षा केवल शुरुआत थी, वास्तविक परीक्षा अब शुरू हो रही है। उन्हें प्रदेश की सुरक्षा, कानून-व्यवस्था, आपदा प्रबंधन एवं अग्निशमन जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, अनुशासन और समर्पण के साथ करना होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड दो अंतरराष्ट्रीय एवं दो आंतरिक सीमाओं से जुड़ा राज्य है। यहां शांति एवं व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ नशा उन्मूलन, साइबर क्राइम, महिला अपराध, यातायात प्रबंधन, आपदा प्रबंधन, चारधाम एवं कांवड़ यात्रा जैसे अनेक मोर्चों पर पुलिस की प्रभावी भूमिका रहती है।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के ‘स्मार्ट पुलिस’ के विजन का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुलिस बल को आधुनिक तकनीक, अत्याधुनिक उपकरणों एवं उत्कृष्ट प्रशिक्षण से सुसज्जित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि बीते तीन वर्षों में पुलिस कर्मियों के आवास के लिए लगभग ₹500 करोड़ स्वीकृत किए गए हैं तथा कैशलैस स्वास्थ्य सुविधा की व्यवस्था लागू की गई है। साथ ही, पुलिस कर्मियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी एवं डेटा एनालिटिक्स जैसी उन्नत तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

महिला सुरक्षा को लेकर उत्तराखण्ड पुलिस के प्रदर्शन की सराहना करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य ने महिला अपराधों के निस्तारण में राष्ट्रीय औसत से दोगुनी सफलता प्राप्त की है। गृह मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार POCSO एवं महिला अपराधों के मामलों के निस्तारण में उत्तराखण्ड ने देश में पाँचवाँ स्थान प्राप्त किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार ने देश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून लागू किया है। इसके सकारात्मक परिणामस्वरूप बीते चार वर्षों में 26 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। राज्य में सभी परीक्षाएँ पूर्णतः पारदर्शी एवं निष्पक्ष तरीके से आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि नवनियुक्त कार्मिक ईमानदारी, निष्ठा और समर्पण के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे तथा राज्य की शांति, सुरक्षा और जनता के विश्वास को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगे।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री श्री गणेश जोशी, राज्यसभा सांसद श्री नरेश बंसल, विधायक श्री खजानदास, श्री उमेश शर्मा काऊ, सचिव गृह श्री शैलेश बगौली, पुलिस महानिदेशक श्री दीपम सेठ, अपर पुलिस महानिदेशक डॉ. वी. मुरूगेशन, श्री ए.पी. अंशुमान, पुलिस महानिरीक्षक श्री योगेन्द्र सिंह रावत सहित पुलिस विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

देवभूमि खबर

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