दून अस्पताल में डिजिटल आभा आईडी व्यवस्था सफल, 70% तक ऑनलाइन पंजीकरण

दून अस्पताल में डिजिटल आभा आईडी व्यवस्था सफल, 70% तक ऑनलाइन पंजीकरण
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देहरादून।  डिजिटल इंडिया एवं आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के अंतर्गत जिला प्रशासन द्वारा राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में लागू की गई डिजिटल आभा आईडी प्रणाली मरीजों के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हो रही है। जनवरी माह से संचालित इस व्यवस्था के माध्यम से मरीज घर बैठे आभा आईडी ऐप द्वारा ऑनलाइन पंजीकरण (पर्चा) बना सकते हैं।

दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रतिदिन बड़ी संख्या में ओपीडी मरीजों की आवक को देखते हुए आभा आईडी प्रणाली लंबी कतारों से मुक्ति दिलाने में सहायक बन रही है। इससे समय की बचत के साथ पंजीकरण प्रक्रिया भी सरल और सुव्यवस्थित हुई है। विगत एक माह में अस्पताल में कुल पंजीकरण का लगभग 60 से 70 प्रतिशत आभा आईडी के माध्यम से किया जा रहा है।

दूर-दराज क्षेत्रों से उपचार हेतु आने वाले मरीजों, विशेषकर महिलाओं एवं वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह व्यवस्था अत्यंत सुविधाजनक सिद्ध हो रही है। आभा आईडी के माध्यम से मरीज सीधे संबंधित ओपीडी तक पहुंच रहे हैं, जिससे अनावश्यक प्रतीक्षा और असुविधा से राहत मिल रही है।

अस्पताल में आभा आईडी के साथ-साथ पूर्व की भांति ऑफलाइन पंजीकरण प्रक्रिया भी जारी है, ताकि वे मरीज जो अभी इस डिजिटल प्रणाली से जुड़े नहीं हैं, पूर्ववत् उपचार सुविधा प्राप्त कर सकें।

जिला प्रशासन के सहयोग से संचालित यह डिजिटल व्यवस्था न केवल पंजीकरण को आसान बना रही है, बल्कि मरीजों का संपूर्ण मेडिकल रिकॉर्ड भी डिजिटल रूप में सुरक्षित कर रही है। जांच रिपोर्ट और दवाइयों का विवरण भी ऐप के माध्यम से उपलब्ध हो रहा है, जिससे प्रत्येक बार व्यक्तिगत जानकारी दोबारा दर्ज कराने की आवश्यकता नहीं पड़ती।

ओपीडी में उपचार कराने आई मरीज संगीता बडोला ने ऑनलाइन पर्चा सुविधा की सराहना करते हुए कहा कि इससे उन्हें समय की बचत हो रही है और वे निर्धारित समय पर उपचार प्राप्त कर पा रही हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री, जिला प्रशासन एवं अस्पताल प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. रविंद्र सिंह बिष्ट ने बताया कि राज्य सरकार की यह पहल स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। आभा आईडी के माध्यम से मरीजों की मेडिकल हिस्ट्री सुरक्षित की जा रही है और ओपीडी में बढ़ती मरीज संख्या के बीच ऑनलाइन पंजीकरण व्यवस्था से उपचार प्रक्रिया अधिक सुगम हुई है।

देवभूमि खबर

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