पिथौरागढ़ में NCORD बैठक: अवैध अफीम-भांग खेती व नशा तस्करी पर कड़ा एक्शन, सीमावर्ती क्षेत्रों में सख्त निगरानी के निर्देश

पिथौरागढ़। जनपद में अवैध मादक पदार्थों की खेती और नशे के कारोबार पर प्रभावी नियंत्रण हेतु कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी आशीष कुमार भटगांई की अध्यक्षता में NCORD एवं राजस्व-पुलिस समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक का मुख्य उद्देश्य अफीम, खसखस, पोस्त एवं भांग की अवैध खेती तथा नशे के कारोबार पर NDPS Act 1985 के तहत प्रभावी नियंत्रण और निगरानी सुनिश्चित करना रहा।
जिलाधिकारी ने कहा कि अवैध मादक पदार्थों की खेती और वितरण को रोकने के लिए सभी विभागों का समन्वित प्रयास जरूरी है। उन्होंने भांग की अवैध खेती, ड्रग्स की गैरकानूनी बिक्री और नशे से जुड़ी गतिविधियों पर सतर्क दृष्टि रखते हुए सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। सीमावर्ती क्षेत्रों में नशे के प्रसार को रोकने के लिए पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय पर भी जोर दिया गया।
बैठक में बताया गया कि जनपद में नशे का एक संगठित तंत्र सक्रिय है, जिस पर पुलिस द्वारा सख्त कार्रवाई की जा रही है। हाल ही में विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर चरस, स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की बड़ी खेप जब्त की गई है। कई आरोपियों की गिरफ्तारी कर विधिक कार्रवाई तेज की गई है।
मेडिकल स्टोर्स में अवैध दवाओं की बिक्री पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है तथा प्रिस्क्रिप्शन रिकॉर्ड को नियंत्रित किया जा रहा है। आम नागरिकों से अपील की गई कि किसी भी प्रकार की सूचना के लिए मानस हेल्पलाइन नंबर 1933 पर संपर्क करें।
जिलाधिकारी ने कृषि योग्य भूमि की कमी के कारण बढ़ रही भांग की खेती पर चिंता जताते हुए एसडीएम सदर को ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। मुख्य शिक्षा अधिकारी को विद्यालयों में नशामुक्ति अभियान, नुक्कड़ नाटक, छात्र काउंसलिंग और अभिभावक सहभागिता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी को प्रतिबंधित दवाओं की सूची तैयार कर अस्पतालों और मेडिकल स्टोर्स को उपलब्ध कराने तथा नेपाल सीमा से इनकी अवैध आमद रोकने के निर्देश दिए गए। जिला समाज कल्याण अधिकारी को “ड्रग-फ्री जनपद” थीम पर जनजागरूकता कार्यक्रम, खेल एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करने तथा नशामुक्ति केंद्र की स्थापना हेतु भूमि चयन की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया।
वन विभाग को वन भूमि पर अवैध भांग या अन्य मादक पदार्थों की खेती पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए गए। बैठक में एडीएम, एसडीएम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी, आबकारी विभाग सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
समापन पर जिलाधिकारी ने कहा कि सभी विभागों, सुरक्षा बलों, शिक्षकों, स्वास्थ्यकर्मियों और समाज की सहभागिता से ही जनपद को नशामुक्त बनाया जा सकता है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि अवैध मादक पदार्थों से संबंधित किसी भी जानकारी को पुलिस अथवा हेल्पलाइन 1933 पर अवश्य साझा करें।

