गुरमत बाल विद्यालय, ऋषिकेश का स्वर्ण जयंती समारोह 18 फरवरी को, 50 वर्षों की सेवा और शिक्षा का होगा भव्य उत्सव
ऋषिकेश। गुरुद्वारा श्री हेमकुंट साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के तत्वावधान में संचालित गुरमत बाल विद्यालय, ऋषिकेश अपनी स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर भव्य स्वर्ण जयंती समारोह (गोल्डन जुबिली) का आयोजन करने जा रहा है। वर्ष 1976 में स्थापित इस पूर्णतः निःशुल्क आवासीय विद्यालय ने वंचित एवं गरीब परिवारों के बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा, गुरमत संगीत का गहन प्रशिक्षण तथा समग्र व्यक्तित्व विकास प्रदान करते हुए सिख मूल्यों—सेवा, समानता और सशक्तिकरण—को जीवंत रूप में आगे बढ़ाया है।
यह स्वर्ण जयंती समारोह एक ऐतिहासिक एवं पावन अवसर होगा, जिसमें विद्यालय के पूर्व छात्र (एल्यूमनी), वर्तमान विद्यार्थी, शिक्षक, स्टाफ, अभिभावक, संत-महात्मा, संगत एवं विभिन्न क्षेत्रों के सम्मानित अतिथिगण बड़ी संख्या में शामिल होंगे। समारोह के दौरान गुरु साहिब की बानी, शबद कीर्तन, गुरमत संगीत प्रस्तुतियां, स्मृति सभा एवं विशेष सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें संस्था की 50 वर्षों की गौरवपूर्ण यात्रा, उपलब्धियां और भविष्य की दिशा को रेखांकित किया जाएगा।
ट्रस्ट के अध्यक्ष नरिंदरजीत सिंह बिंद्रा ने कहा कि यह विद्यालय सिख विरासत का एक अनमोल प्रकाशस्तंभ है, जिसने विश्वस्तरीय कीर्तनिए, रागी, संगीतकार एवं सफल व्यक्तित्व तैयार किए हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व छात्र आज गुरु साहिब की अमर बानी को विश्वभर में प्रसारित कर समाज सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने सभी पूर्व छात्रों से अपील की कि वे इस मिशन को और सशक्त बनाएं, नई पीढ़ी को प्रेरित करें तथा सेवा और सिमरन के माध्यम से गुरु साहिब की शिक्षाओं का प्रचार-प्रसार जारी रखें।
उन्होंने भावुक स्वर में कहा कि संभव है वे अगले 50 वर्षों (100वीं वर्षगांठ) के जश्न में शारीरिक रूप से उपस्थित न रह सकें, किंतु वाहेगुरु जी की कृपा और ट्रस्ट के मार्गदर्शन से यह संस्था और अधिक सुदृढ़ होकर समाज की सेवा करती रहेगी तथा सिख धरोहर के नए मशालधारियों को तैयार करती रहेगी।
ट्रस्ट ने सभी संगत, पूर्व छात्रों, मीडिया प्रतिनिधियों, शुभचिंतकों एवं आमजन को इस पावन एवं ऐतिहासिक समारोह में शामिल होने का हार्दिक आमंत्रण दिया है, ताकि इस स्वर्णिम अवसर को सामूहिक उपस्थिति से और अधिक यादगार बनाया जा सके।

