देहरादून में पीजी-हॉस्टलों पर सख्ती, हुड़दंग करने वाले छात्रों पर कार्रवाई के निर्देश
देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून ने मंगलवार को पुलिस कार्यालय स्थित सभागार में सभी राजपत्रित अधिकारियों एवं थाना प्रभारियों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी आयोजित की। बैठक में जनपद में हाल के दिनों में हुई घटनाओं की समीक्षा करते हुए पढ़ाई की आड़ में हुड़दंग, मारपीट और अन्य अवांछनीय गतिविधियों में शामिल छात्र-छात्राओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के निर्देश दिए गए।
एसएसपी ने जनपद में संचालित सभी पीजी एवं हॉस्टल संचालकों के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) जारी करते हुए उसके शत-प्रतिशत अनुपालन के निर्देश दिए। अधिकारियों को स्पष्ट किया गया कि नियमों का उल्लंघन करने वाले संचालकों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
जारी निर्देशों के अनुसार, सभी हॉस्टल और पीजी में रहने वाले छात्र-छात्राओं का अनिवार्य सत्यापन कराया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संचालकों की होगी। सत्यापन न कराने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। साथ ही सभी प्रतिष्ठानों को छात्रों का पूर्ण विवरण—आईडी, स्थायी पता, मोबाइल नंबर और अभिभावकों की जानकारी—डिजिटल एवं भौतिक रूप से सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं।
एसएसपी ने बिना अनुमति बाहरी व्यक्तियों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने को कहा है। रात्रि 8 बजे के बाद किसी भी बाहरी व्यक्ति के पाए जाने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कार्रवाई होगी। इसके अतिरिक्त छात्र-छात्राओं के लिए रात्रि 10 बजे तक ही प्रवेश की अनुमति होगी, जबकि विशेष परिस्थितियों में ही लिखित अनुमति और सत्यापन के बाद देर से प्रवेश दिया जा सकेगा।
सभी पीजी और हॉस्टलों में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य किया गया है तथा उन्हें क्रियाशील स्थिति में रखना होगा। आकस्मिक निरीक्षण के दौरान कैमरे खराब पाए जाने पर भी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में हॉस्टल एवं पीजी संचालकों के साथ सतत संपर्क बनाए रखें और समय-समय पर औचक निरीक्षण करें। नशीले पदार्थों के सेवन पर विशेष निगरानी रखते हुए ऐसे मामलों में संबंधित संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इसके साथ ही छात्रों के बीच किसी भी प्रकार के विवाद या मारपीट की स्थिति में तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने तथा आवश्यकतानुसार बीएनएसएस की धारा 170/172 के तहत गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

