वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी विधाता ढौंडियाल के निधन पर शोक, आंदोलनकारी मंच ने दी श्रद्धांजलि
देहरादून। उत्तराखण्ड राज्य आंदोलनकारी मंच द्वारा वरिष्ठ राज्य आंदोलनकारी विधाता ढौंडियाल के निधन पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। 98 वर्षीय विधाता ढौंडियाल का देर रात निधन हो गया।
प्रदेश प्रवक्ता प्रदीप कुकरेती ने बताया कि विधाता ढौंडियाल राज्य आंदोलन के दौरान सुशीला बलूनी के नेतृत्व में नेशविला रोड और चुक्खुवाला क्षेत्र की महिलाओं के साथ सक्रिय रूप से जुड़ी रहीं। उन्होंने दैनिक जेल भरो आंदोलनों, कार्यालयों में तालाबंदी और विभिन्न धरना-प्रदर्शनों में बढ़-चढ़कर भाग लिया।
प्रदेश अध्यक्ष जगमोहन सिंह नेगी एवं पुष्पलता सिलमाणा ने कहा कि विधाता ढौंडियाल, सुभद्रा शाह, शकुन्तला नौटियाल और कौशल्या डबराल जैसी मातृशक्ति के साथ हमेशा संघर्ष के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ी रहीं। उन्होंने कहा कि पृथक उत्तराखंड राज्य के निर्माण में महिलाओं का योगदान अविस्मरणीय है और इन आंदोलनकारियों ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा राज्य निर्माण के संघर्ष को समर्पित कर दिया।
शोक व्यक्त करने वालों में वेदानन्द कोठारी, पृथ्वी सिंह नेगी, रविन्द्र जुगरान, केशव उनियाल, रामलाल खंडूड़ी, सतेन्द्र भण्डारी, पूरण सिंह लिंगवाल, अरुणा थपलियाल, सुलोचना भट्ट, रामेश्वरी नेगी, राजेश्वरी बिष्ट, यशोदा रावत, पुष्पा रावत, सुरेश नेगी, हरी सिंह, गणेश डंगवाल, सुशील विरमानी, चन्द्रकिरण राणा, विक्रम राणा, विनोद असवाल, देवेश्वर काला, गौरव खंडूड़ी, सतेन्द्र नौगाँई, मनोज नौटियाल, विरेन्द्र सिंह रावत, प्रभात डण्डरियाल, मोहन खत्री, राकेश नौटियाल सहित अनेक राज्य आंदोलनकारी शामिल रहे।

